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अंबेडकरनगर में दुकान का ताला तोड़ने का आरोप, तहसीलदार समेत कई पर मुकदमा

सीजेएम के आदेश पर कोतवाली अकबरपुर पुलिस ने नामजद आरोपियों और अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की।
Bureau
Bureau News Desk
26 Aug 2026
11:10 AM
1 min read
अंबेडकरनगर में दुकान का ताला तोड़ने का आरोप, तहसीलदार समेत कई पर मुकदमा
हाइलाइट्स
अंबेडकरनगर के अकबरपुर तहसील क्षेत्र में दुकान विवाद से जुड़ा मुकदमा दर्ज हुआ है।
अकबरपुर तहसीलदार संतोष कुमार समेत कई लोगों को मामले में आरोपी बनाया गया है।
शिकायतकर्ता ने दुकान का ताला तोड़ने, सामान निकालने और फर्नीचर में तोड़फोड़ का आरोप लगाया है।
शिकायत में दुकान और सामने की जमीन पर जबरन कब्जे का भी आरोप लगाया गया है।

अंबेडकरनगर के अकबरपुर तहसील क्षेत्र में दुकान का ताला तोड़कर अंदर रखा सामान निकालने, फर्नीचर में तोड़फोड़ करने और कथित तौर पर जबरन कब्जा करने के आरोप में अकबरपुर तहसीलदार संतोष कुमार समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट यानी सीजेएम के आदेश के बाद दर्ज हुआ है।

कोतवाली अकबरपुर पुलिस ने नामजद आरोपियों और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता की ओर से न्यायालय में दिए गए प्रार्थनापत्र में दुकान और उससे जुड़ी संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद का भी उल्लेख किया गया है।

यह मामला ग्राम सिझौली, शहजादपुर स्थित मकान संख्या 633 से जुड़ा बताया गया है। शिकायतकर्ता सोएब रिजवी, निवासी अरिया गांव, ने सीजेएम न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर पूरे घटनाक्रम की शिकायत की थी।

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शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2020 में ग्राम सिझौली, शहजादपुर स्थित मकान संख्या 633 को उसके स्वामी से 14.50 लाख रुपये में खरीदा था। उनका दावा है कि मकान में मौजूद दुकान में उन्होंने फर्नीचर और रैक लगवाकर कारोबार शुरू किया था।

शिकायत में बताया गया है कि बाद में इसी मकान और दुकान को लेकर संघतिया शहजादपुर निवासी अरुण कुमार से विवाद शुरू हो गया। संपत्ति पर अधिकार और कब्जे को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद होने की बात शिकायतकर्ता ने कही है।

सोएब रिजवी के अनुसार, विवाद के संबंध में उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से भी शिकायत की थी। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस पर उपजिलाधिकारी की ओर से मामले को सिविल प्रकृति का बताया गया था और प्रशासनिक स्तर पर कब्जा परिवर्तन की कार्रवाई नहीं किए जाने की बात कही गई थी।

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शिकायतकर्ता ने अपने प्रार्थनापत्र में 20 फरवरी 2026 की घटना का जिक्र किया है। आरोप है कि इसी दिन अरुण कुमार अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए अकबरपुर तहसीलदार संतोष कुमार को मौके पर लेकर पहुंचे।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि तहसीलदार की मौजूदगी में दुकान का ताला तोड़ दिया गया। इसके बाद दुकान के अंदर रखा सामान बाहर निकालने की बात भी शिकायत में कही गई है।

प्रार्थनापत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि दुकान के फर्नीचर को तोड़कर बाहर फेंक दिया गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, मौके पर इस कार्रवाई का विरोध करने पर उन्हें धमकी भी दी गई। इन सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है। पुलिस ने न्यायालय के आदेश के बाद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि दुकान का ताला तोड़ने और सामान बाहर निकालने के बाद उस पर दूसरा ताला लगा दिया गया। इसके साथ ही दुकान के सामने मौजूद खाली जमीन पर टिनशेड डालकर कब्जा करने का भी आरोप शिकायत में लगाया गया है।

सोएब रिजवी ने पुलिस के स्तर पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए न्यायालय का रुख किया था। उनके अनुसार, मामले की शिकायत किए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने सीजेएम न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया। सीजेएम के आदेश के बाद कोतवाली अकबरपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।

पुलिस ने दर्ज मामले में अकबरपुर तहसीलदार संतोष कुमार समेत नामजद आरोपियों और अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

मुकदमे में शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर कार्रवाई की गई है। रिपोर्ट दर्ज होना आरोपों की पुष्टि नहीं माना जाता है। आरोपों की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और मामले में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगी।

मामले की पृष्ठभूमि एक मकान और उसमें संचालित दुकान को लेकर दोनों पक्षों के बीच चल रहे विवाद से जुड़ी बताई गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2020 में संबंधित मकान 14.50 लाख रुपये में खरीदा था और दुकान में कारोबार शुरू किया था।

इसके बाद संपत्ति को लेकर अरुण कुमार के साथ विवाद होने की बात सामने आई। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष भी मामला उठाया था। इस दौरान उपजिलाधिकारी की ओर से मामले को सिविल प्रकृति का बताया गया था।

इसके बावजूद 20 फरवरी 2026 को दुकान का ताला तोड़े जाने और कब्जे की कार्रवाई किए जाने का आरोप शिकायतकर्ता ने लगाया है। इसी घटनाक्रम को लेकर बाद में न्यायालय में प्रार्थनापत्र दाखिल किया गया।

इस मामले में महत्वपूर्ण घटनाक्रम यह रहा कि शिकायतकर्ता ने सीधे न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। सीजेएम न्यायालय के आदेश के बाद कोतवाली अकबरपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।

पुलिस की ओर से अब मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान घटना की परिस्थितियों, संपत्ति से जुड़े दावों और शिकायत में लगाए गए आरोपों से संबंधित तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।

उपलब्ध जानकारी में आरोपों के जवाब में तहसीलदार संतोष कुमार या अन्य नामजद आरोपियों का पक्ष दर्ज नहीं है। इसलिए इस रिपोर्ट में शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों को आरोप के रूप में ही रखा गया है।

मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस के सामने शिकायत में बताए गए घटनाक्रम की जांच का चरण शुरू हो गया है। शिकायत में 20 फरवरी 2026 की घटना, दुकान का ताला तोड़े जाने, सामान बाहर निकाले जाने, फर्नीचर में तोड़फोड़ और कथित कब्जे से संबंधित आरोप लगाए गए हैं।

पुलिस जांच में इन आरोपों से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी। साथ ही मकान संख्या 633 और दुकान से जुड़े विवाद की पृष्ठभूमि भी मामले के संदर्भ में देखी जा सकती है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने सीजेएम के आदेश के बाद रिपोर्ट दर्ज कर ली है और जांच जारी है।

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