>बिहार में एनडीए सरकार के गठन और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक बार फिर पदभार संभालने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं की नई लहर चल पड़ी है। इन प्रतिक्रियाओं में सबसे दिलचस्प टिप्पणी समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की रही, जिन्होंने अपने पोस्ट के जरिए पुराने दिनों की राजनीति को फिर से सुर्खियों में ला दिया।
>अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक अकाउंट पर दो पुरानी तस्वीरें साझा कीं। ये वही तस्वीरें हैं जब INDIA गठबंधन का गठन हो रहा था और नीतीश कुमार विपक्षी एकता के प्रमुख सूत्रधार माने जाते थे। तस्वीरों के साथ अखिलेश ने लिखा हम तो इन्हें पीएम बनाना चाहते थे, लेकिन नीतीश कुमार सीएम ही रह गए।
>
बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर श्री नीतीश कुमार जी को बधाई और आगामी पूरे पाँच सालों के लिए उनकी अपनी मूल समाजवादी विचारधारा पर आधारित स्वतंत्र शासन-प्रणाली चलाने और जनहितकारी सकारात्मक कार्य करने के लिए शुभकामनाएँ! pic.twitter.com/dhNI7uakEe
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) November 20, 2025
>
>
>इस टिप्पणी के साथ उन्होंने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी और आने वाले कार्यकाल के लिए जनहितकारी शासन की कामना की।
>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश का यह पोस्ट सिर्फ एक औपचारिक बधाई नहीं था। यह एक ऐसा राजनीतिक कटाक्ष है, जिसमें पिछले डेढ़ साल की राजनीतिक उठापटक का संकेत साफ दिखाई देता है। INDIA गठबंधन के दौरान नीतीश कुमार को कई विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री पद का संभावित चेहरा माना था। अखिलेश यादव भी उन नेताओं में थे जो नीतीश की सक्रियता की खुले तौर पर तारीफ करते थे। लेकिन ठीक कुछ महीनों बाद ही बिहार की राजनीति पलटी खा गई नीतीश कुमार ने गठबंधन छोड़ एनडीए में वापसी की और आलोचकों ने उन्हें ‘यू-टर्न’ राजनीति का पर्याय बताना शुरू कर दिया।
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें