सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति व्यवहारिक रूप से जागरूक करने के उद्देश्य से अंबेडकरनगर में 7 से 21 जुलाई 2026 तक 'शून्य दुर्घटना दिवस' अभियान चलाया जाएगा। इस बार अभियान के दौरान केवल यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई ही नहीं होगी, बल्कि उन्हें मौके पर सड़क सुरक्षा से जुड़े जागरूकता वीडियो भी दिखाए जाएंगे, ताकि सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति व्यवहार में बदलाव लाया जा सके।
अभियान की तैयारियों को लेकर गुरुवार को अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) हरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिलाधिकारी ईशा प्रिया के निर्देश पर हुई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अभियान की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की।
प्रशासन ने इस वर्ष अभियान की थीम 'नारी शक्ति द्वारा सुरक्षित अंबेडकरनगर' तय की है। इसके तहत महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है। अधिकारियों के अनुसार अभियान का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखकर जनभागीदारी से जोड़ना है।बैठक में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित कार्यक्रमों का समयबद्ध संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) हरेंद्र कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान जनपद के सभी थाना क्षेत्रों, प्रमुख चेक पोस्टों और दुर्घटना संभावित स्थानों पर विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
हेलमेट नहीं पहनने, सीट बेल्ट का उपयोग न करने, तेज गति से वाहन चलाने और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों का चालान किया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें 5 से 10 मिनट तक सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूकता वीडियो भी दिखाई जाएगी, जिससे वे सुरक्षित यातायात के महत्व को बेहतर ढंग से समझ सकें।
बैठक में सेंटर फॉर एक्सीलेंस फॉर रोड सेफ्टी, आईआईटी मद्रास के हेमेन्द्र शर्मा, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सत्येंद्र यादव, एआरएम रोडवेज, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार वर्मा, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता, यातायात निरीक्षक तथा अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए।
बैठक के दौरान अभियान की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां तय की गईं, ताकि सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रम प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकें।
प्रशासन ने अभियान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का मानना है कि सड़क सुरक्षा संबंधी संदेशों का व्यापक प्रसार लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करने में मदद करेगा।
प्रशासन के अनुसार अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और लोगों में सुरक्षित यातायात की आदत विकसित करना है। इसके लिए प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता गतिविधियों को भी समान महत्व दिया जाएगा।
अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) ने बैठक में मौजूद सभी अधिकारियों से अभियान को गंभीरता और समन्वय के साथ संचालित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है और जनसहभागिता के माध्यम से ही शून्य दुर्घटना के लक्ष्य की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा सकते हैं।
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