पश्चिम बंगाल के औद्योगिक शहर आसनसोल से एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है, जहां लंबे समय से बंद पड़ा दुर्गा मंदिर अब दोबारा आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। हालिया विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद यह फैसला लागू हुआ, जिसके बाद मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में भक्तों की आवाजाही देखी जा रही है।
बस्तिन बाजार स्थित यह मंदिर, जिसे श्री श्री दुर्गा माता चैरिटेबल ट्रस्ट संचालित करता है, लंबे समय तक स्थानीय तनाव और प्रशासनिक प्रतिबंधों के कारण विवादों में रहा। विभिन्न रिपोर्ट्स और स्थानीय लोगों के दावों के अनुसार, यहां नियमित पूजा-पाठ की अनुमति नहीं थी। यही कारण रहा कि मंदिर अधिकांश समय बंद रखा जाता था और आम श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं मिल पाता था।
सूत्रों के मुताबिक, पिछले 15 से 30 वर्षों के दौरान मंदिर केवल दुर्गा पूजा और लक्ष्मी पूजा जैसे प्रमुख त्योहारों पर ही खोला जाता था। इन अवसरों के अलावा मंदिर के द्वार बंद रहते थे, जिससे स्थानीय श्रद्धालुओं में लंबे समय से असंतोष बना हुआ था। सीमित प्रवेश व्यवस्था ने इस धार्मिक स्थल को लेकर लगातार चर्चा और विवाद को जन्म दिया।
आसनसोल उत्तर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी कृष्णेंदु मुख़र्जी ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान मंदिर को सालभर खोलने का वादा किया था। चुनाव परिणाम आने के बाद इस वादे को लागू किया गया और मंदिर को नियमित रूप से खोलने की प्रक्रिया शुरू की गई। मंदिर के खुलने के बाद क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियों के बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से स्थानीय बाजारों, छोटे व्यापारियों और विक्रेताओं को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। मंदिर के आसपास का इलाका फिलहाल उत्सव जैसे माहौल में नजर आ रहा है, जहां लोगों की आवाजाही और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है।
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