रामनगरी अयोध्या में शादी-ब्याह के पीक सीजन के बीच एलपीजी गैस की किल्लत ने आम लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। जिला पूर्ति कार्यालय की ओर से जारी ‘नो एक्स्ट्रा एलपीजी’ नोटिस के बाद यह मामला और तूल पकड़ता जा रहा है।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि शादी या घरेलू समारोहों के लिए अतिरिक्त गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे। साथ ही लोगों से कहा गया है कि केवल घरेलू जरूरत पूरी न होने की स्थिति में ही कार्यालय से संपर्क करें। बढ़ती मांग के बीच सप्लाई पर दबाव: शादी के मौसम में गैस की मांग में अचानक इजाफा हुआ है, जबकि सप्लाई उसी अनुपात में नहीं बढ़ पाई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गैस बुकिंग के बाद भी 8 से 10 दिनों तक सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हो रही है।
इस स्थिति के चलते न केवल सामान्य परिवार बल्कि शादी वाले घर भी प्रभावित हो रहे हैं। कई स्थानों पर लोगों को मजबूरी में ऊंचे दामों पर गैस का इंतजाम करना पड़ रहा है, जिससे खर्च बढ़ गया है।
कांग्रेस का प्रदर्शन, पक्षपात के आरोप: गैस संकट को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला पूर्ति कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। पार्टी का आरोप है कि आम लोगों को गैस के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि जनप्रतिनिधियों और नेताओं के कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में सिलेंडर आसानी से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कांग्रेस ने शादी-विवाह जैसे आवश्यक आयोजनों के लिए अलग से गैस व्यवस्था की मांग की है और इस संबंध में अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है।
प्रशासन की सफाई: जिला पूर्ति अधिकारी ब्रजेश मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में गैस एजेंसियों में करीब एक सप्ताह का बैकलॉग चल रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे ही डीएसी नंबर जारी होता है, उसी के आधार पर घर-घर सिलेंडर की डिलीवरी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, सप्लाई को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।
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