पंजाब की राजनीति में आम आदमी पार्टी और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले राज्यसभा सांसदों को ‘गद्दार’ कहे जाने के बाद इस विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। इस पर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
शनिवार 25 अप्रैल को आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने राज्यसभा सांसदों हरभजन सिंह, अशोक मित्तल और राजिंदर गुप्ता के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। इसी दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को ‘गद्दार’ करार दिया, जिसके बाद सियासी माहौल और गरमा गया। विक्रमजीत सिंह साहनी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने पंजाब या पंजाबियों के साथ कोई गद्दारी नहीं की है। उन्होंने कहा कि पहले भी वह “तन, मन, धन” से सेवा कर रहे थे और अब उससे 10 गुना ज्यादा सेवा करेंगे। साहनी ने युवाओं और रोजगार के मुद्दे पर भी बात करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य राज्य में बेरोजगारी कम करना और युवाओं को नशे से दूर रखना है।
साहनी ने बताया कि कौशल विकास के लिए जयंत चौधरी से बातचीत हुई है, जिन्होंने जरूरत के अनुसार संसाधन देने की बात कही है। इसके अलावा उन्होंने कृषि और किसानों से जुड़े मुद्दों पर शिवराज सिंह चौहान से चर्चा का उल्लेख किया। साहनी के अनुसार, किसानों को मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। माल-भाड़ा सब्सिडी को लेकर भी उन्होंने पीयूष गोयल से बातचीत का जिक्र किया।
साहनी ने कहा कि वह ‘गद्दारी’ के आरोप से सहमत नहीं हैं और पंजाब के लिए “जान भी हाजिर” है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह राज्य के निर्वाचित मुख्यमंत्री हैं और उन्हें अपनी बात कहने का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा राजनीतिक तनाव अस्थायी है और आने वाले समय में स्थिति सामान्य हो सकती है।
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