>सहारनपुर - उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में सियासत और प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं। कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन और एडीएम संतोष बहादुर सिंह के बीच तीखे विवाद ने राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है। मामला इतना गरमाया कि खुद सपा प्रमुख अखिलेश यादव को भी प्रतिक्रिया देनी पड़ी।
>"सांसद का सम्मान नहीं करने वाले, जनता का क्या करेंगे?" - अखिलेश यादव
>अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच X पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, "जो सांसद का सम्मान नहीं करते, वो जनता का क्या करेंगे?" इस बयान के साथ यह विवाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हो गया है।
>मामला 1 जुलाई 2025 का है, जब सांसद इकरा हसन, छुटमलपुर नगर पंचायत अध्यक्ष शमा परवीन के साथ एडीएम कार्यालय पहुंचीं। उद्देश्य था — नगर क्षेत्र की समस्याओं पर चर्चा। दोपहर 1 बजे संपर्क करने पर बताया गया कि एडीएम लंच पर हैं। इसके बाद 3 बजे जब वे कार्यालय पहुँचीं, तो कथित रूप से एडीएम ने न केवल नगर अध्यक्ष को डांटा, बल्कि सांसद से भी अभद्र व्यवहार करते हुए "गेट आउट" कहा।
>ADM का इंकार और "टंग ऑफ स्लिप" की सफाई
>एडीएम संतोष बहादुर सिंह ने सांसद के आरोपों को नकारते हुए इसे एक "टंग ऑफ स्लिप" बताया और कहा कि न तो कोई अभद्रता की गई और न ही किसी को अपमानित किया गया। उन्होंने कहा कि केवल लिखित शिकायत की मांग की गई थी, जो नहीं दी गई।
>सांसद ने लिखा मंडलायुक्त को पत्र, लोकसभा में उठाने की चेतावनी
>इकरा हसन ने सहारनपुर के मंडलायुक्त अटल राय और प्रमुख सचिव (नियुक्ति) को लिखित शिकायत भेजी है। उन्होंने ADM के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की और चेताया कि यदि न्याय नहीं मिला तो वे मामला लोकसभा की विशेषाधिकार समिति तक ले जाएंगी।
>डीएम ने दिए जांच के आदेश
>जिलाधिकारी मनीष बंसल ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और सभी अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों से मर्यादित व्यवहार बनाए रखने की सख्त हिदायत दी है। फिलहाल, यह विवाद न केवल अफसर-जनप्रतिनिधि संबंधों पर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि प्रशासनिक गरिमा बनाम जनसामान्य के प्रतिनिधित्व की संवेदनशीलता को भी उजागर कर रहा है।
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