ओडिशा के केओंझर जिले में एक व्यक्ति द्वारा अपनी मृत बहन के कथित कंकाल को बैंक परिसर तक ले जाने की घटना ने स्थानीय स्तर पर सनसनी फैला दी है। घटना के बाद बैंकिंग प्रक्रियाओं को लेकर भ्रम और विवाद की स्थिति बनी, जिस पर अब इंडियन ओवरसीज बैंक ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है।
बैंक के अनुसार, यह प्रकरण ओडिशा ग्रामीण बैंक की मल्लीपोसी शाखा से संबंधित है, जो इंडियन ओवरसीज बैंक द्वारा प्रायोजित क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक है। जीतू मुंडा नामक व्यक्ति अपनी बहन कलारा मुंडा के खाते से धन निकालने के उद्देश्य से शाखा पहुंचा था। बैंक अधिकारियों ने उसे बताया कि बिना अधिकृत प्रक्रिया के किसी तीसरे व्यक्ति को खाते से रकम निकालने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
जब संबंधित व्यक्ति ने खाताधारक की मृत्यु की जानकारी दी, तो शाखा प्रबंधक ने उसे समझाया कि ऐसे मामलों में मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करना जरूरी होता है। बैंक के अनुसार, इसके बाद वह व्यक्ति दोबारा शाखा आया और कथित रूप से नशे की स्थिति में हंगामा करने लगा। इसी दौरान वह अपनी बहन के कंकाल अवशेष लेकर बैंक परिसर के बाहर पहुंच गया और धन निकासी की मांग करने लगा।
घटना के चलते बैंक परिसर में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस को बुलाया गया। पुलिस की मौजूदगी में स्थिति को संभाला गया और किसी अप्रिय घटना को टाला गया। बैंक ने स्पष्ट किया कि यह स्थिति प्रक्रियाओं की जानकारी के अभाव और नियमों के अनुपालन में कमी के कारण उत्पन्न हुई।
इंडियन ओवरसीज बैंक ने एक्स पर जारी बयान में कहा कि: कर्मचारियों ने मृत खाताधारक को शाखा में लाने की कोई मांग नहीं की बल्कि बैंक ने केवल निर्धारित नियमों के अनुसार दस्तावेज प्रस्तुत करने की सलाह दी थी क्यूंकि खाताधारक की राशि की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है इसके साथ ही बैंक ने दुर्व्यवहार या उत्पीड़न के आरोपों को खारिज किया गया है बैंक ने यह भी बताया कि स्थानीय प्रशासन के सहयोग से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराने की प्रक्रिया जारी है। दस्तावेज पूरे होने के बाद दावे का निपटान नियमानुसार किया जाएगा।
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