लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से जुड़े एक कर्मचारी और उनके मित्र के लापता होने के मामले की जांच में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। घर से निकले दोनों व्यक्तियों का कोई पता नहीं चलने के बाद शुरू हुई तलाश में एक कार बरामद हुई, जिसके बाद जांच का दायरा लखनऊ से सीतापुर तक पहुंच गया। अब पुलिस उस घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है, जो 27 सितंबर की रात एक मुलाकात और शराब पार्टी से शुरू हुआ था।
मड़ियांव के केशव नगर निवासी पवन कुमार गर्ग किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के आर्थोपेडिक विभाग में नर्सिंग अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। वह 27 सितंबर की रात अपनी कार से घर से निकले थे। उनके साथ मित्र सचिन भी थे। देर रात तक दोनों के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। परिचितों और संभावित स्थानों पर जानकारी जुटाने के बावजूद दोनों का पता नहीं चला। मोबाइल फोन बंद मिलने के बाद परिजनों ने 29 सितंबर को मड़ियांव थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों की गतिविधियों और उनके आने-जाने के रास्तों की जांच शुरू की। इसी दौरान उनकी कार के लखनऊ-सीतापुर मार्ग की ओर जाने की जानकारी सामने आई।
पुलिस ने जांच के दौरान इटौंजा टोल प्लाजा की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। फुटेज में 27 सितंबर की रात पवन की कार टोल पार करती दिखाई दी। हालांकि, कार चला रहे व्यक्ति का चेहरा स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने चालक के कपड़ों का मिलान पवन के कपड़ों से किया है। चालक के बगल वाली सीट पर एक अन्य युवक भी बैठा दिखाई दे रहा है। इस फुटेज के आधार पर पुलिस ने कार की आगे की गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश की। जांच में सामने आया कि दोनों लुधौली गांव में अपने कुछ परिचितों के साथ शराब पार्टी में पहुंचे थे।
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पुलिस के अनुसार, पूछताछ के लिए लाए गए कुछ संदिग्धों ने 27 सितंबर की रात पवन और सचिन के साथ शराब पार्टी में शामिल होने की बात बताई। पूछताछ में सामने आए घटनाक्रम के मुताबिक, पार्टी के दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद वहां मौजूद कुछ लोगों ने मिलकर पवन और सचिन के साथ मारपीट की। पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, मारपीट में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद उन्हें कार में छिपाया गया। जांच में यह भी जानकारी सामने आई है कि अगले दिन दोनों को सीतापुर-बहराइच सीमा के पास घाघरा नदी में फेंक दिया गया। पुलिस इस घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रही है। फिलहाल दोनों की बरामदगी की पुष्टि नहीं हुई है।
जांच के दौरान मंगलवार को सीतापुर जिले के कमलापुर क्षेत्र में जयरामपुर मार्ग पर चदेहरा बाजार के पास पवन की कार लावारिस हालत में बरामद हुई। कार की बरामदगी इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी बनी। पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। कार के लखनऊ-सीतापुर मार्ग पर जाने, टोल प्लाजा की फुटेज और पूछताछ में सामने आए घटनाक्रम को जोड़कर पुलिस दोनों के लापता होने की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पवन गर्ग और सचिन की तलाश सीतापुर-बहराइच सीमा के पास घाघरा नदी में की जा रही है। तलाशी अभियान के लिए कई पुलिस टीमें लगाई गई हैं। इसके अलावा अग्निशमन विभाग और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की मदद भी ली जा रही है। नदी में तलाश के दौरान दोनों की स्थिति और उनके संभावित स्थान का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अभी तक उनकी बरामदगी की पुष्टि नहीं हुई है।
पवन गर्ग के घर नहीं लौटने और मोबाइल फोन बंद मिलने के बाद परिजनों ने 29 सितंबर को मड़ियांव थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुरुआती जांच में कार की लोकेशन और रास्ते का पता लगाने पर ध्यान दिया गया। इटौंजा टोल प्लाजा की फुटेज से वाहन के सीतापुर की ओर जाने की जानकारी मिली। इसके बाद सीतापुर के कमलापुर क्षेत्र में कार बरामद हुई। पुलिस की पूछताछ में शराब पार्टी, विवाद और मारपीट से जुड़ी जानकारी सामने आई।
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