Friday, 26 June 2026 | Lucknow | 29°C

15 जिंदगियां निगलने वाली इमारत का सबसे बड़ा सच! एसआईटी ने जैसे ही देखा प्रवेश द्वार...

लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड की जांच कर रही एसआईटी को घटनास्थल पर कई सुरक्षा संबंधी कमियां मिलीं। प्रवेश द्वार पर लगे पांच एसी आउटर यूनिट और संकरे रास्ते पर टीम ने नाराजगी जताई।
Bureau
Bureau News Desk
26 Jun 2026
04:55 PM
1 min read
15 जिंदगियां निगलने वाली इमारत का सबसे बड़ा सच! एसआईटी ने जैसे ही देखा प्रवेश द्वार...
हाइलाइट्स
एसआईटी ने घटनास्थल पर पांच एसी आउटर यूनिट और दो एग्जॉस्ट फैन देख जताई नाराजगी।
मुख्य प्रवेश और निकास मार्ग के संकरा होने पर उठे गंभीर सवाल।
दमकल को पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की भी जांच की गई।
जलकल विभाग का दावा - एक साथ 100 दमकल वाहनों को पानी उपलब्ध कराया जा सकता है।

लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद अब जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे ऐसे तथ्य सामने आ रहे हैं जो हादसे की गंभीरता पर नए सवाल खड़े कर रहे हैं। एसआईटी जब उस इमारत के मुख्य प्रवेश द्वार तक पहुंची, तो सबसे पहले उसकी नजर वहां लगी पांच एसी की आउटर यूनिट और दो एग्जॉस्ट फैन पर पड़ी। यही वह रास्ता था, जहां से आग लगने की स्थिति में लोगों को बाहर निकलना था, लेकिन यह पहले से ही संकरा हो चुका था।

जांच टीम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से इस व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताई। शुरुआती जांच में यह सवाल भी उभरकर सामने आया कि आखिर ऐसी स्थिति में भवन की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कैसे हुआ और इस तरह का अवरोध बने रहने की अनुमति किस आधार पर दी गई।

यह खबर भी पढ़े - लखनऊ में अनियंत्रित डीसीएम डिवाइडर तोड़कर नहर पर लटकी, चालक अस्पताल में भर्ती

एसआईटी के निरीक्षण में सामने आया कि इमारत का मुख्य प्रवेश और निकास मार्ग ही एसी की आउटर यूनिट और एग्जॉस्ट फैन से प्रभावित था। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी व्यावसायिक भवन में आपातकालीन निकासी मार्ग का खुला और बाधारहित होना सबसे अहम सुरक्षा मानकों में शामिल होता है। जांच एजेंसियां अब इसी पहलू को भी गंभीरता से परख रही हैं।

हादसे के बाद यह सवाल लगातार उठ रहा था कि दमकल की गाड़ियां समय पर क्यों नहीं पहुंच सकीं और क्या उन्हें पानी उपलब्ध कराने में भी कोई परेशानी आई थी। इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने के लिए एसआईटी बृहस्पतिवार को अलीगंज सेक्टर-बी स्थित जलकल जोन-तीन कार्यालय पहुंची।

यह खबर भी पढ़े - मोहर्रम के बीच लखनऊ में ताजिया दफनाने के स्थान पर विवाद, स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी

यह कार्यालय घटनास्थल से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। टीम ने वहां उपलब्ध संसाधनों, पानी की आपूर्ति और आपातकालीन व्यवस्था का विस्तृत निरीक्षण किया।

जलकल अधिकारियों के अनुसार भूमिगत जलाशय से आवश्यकता पड़ने पर एक साथ 100 दमकल वाहनों को पानी उपलब्ध कराया जा सकता है। विभाग ने यह भी बताया कि कार्यालय में जनरेटर की व्यवस्था मौजूद है, जिससे बिजली बाधित होने पर भी पंपों के जरिए दमकल वाहनों में पानी भरने की प्रक्रिया जारी रखी जा सकती है।

एसआईटी अब केवल आग लगने के कारणों तक सीमित नहीं है। जांच का दायरा भवन की सुरक्षा व्यवस्था, निकासी मार्ग, विद्युत उपकरणों की स्थापना, अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन और राहत एवं बचाव प्रणाली तक पहुंच चुका है। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट में सामने आने वाले निष्कर्ष भविष्य में जिम्मेदारी तय करने और संभावित कार्रवाई का आधार बन सकते हैं।

Explore Related Topics

Lucknow Fire Aliganj Fire Lucknow Fire SIT Lucknow Coaching Fire Lucknow News

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →

Related News