लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सतगुरुपुरम कॉलोनी में घर के भीतर खेल रहे छह माह के मासूम की पानी से भरी बाल्टी में डूबने से मौत हो गई। परिजन उसे आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि मोहल्ले में शोक का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, गोसाईंगंज-सुल्तानपुर रोड क्षेत्र के रहने वाले कुलदीप अपनी पत्नी शिवानी और छह माह के बेटे शिवांश के साथ पीजीआई क्षेत्र की सतगुरुपुरम कॉलोनी में किराये के मकान में रहते हैं। दंपती मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और शिवांश उनकी पहली संतान था।
बताया गया कि बुधवार सुबह कुलदीप रोज की तरह काम पर चले गए थे। इस दौरान शिवानी घर के कामकाज में व्यस्त थीं। इसी बीच खेलते-खेलते मासूम किसी तरह कमरे में रखी पानी से भरी बाल्टी तक पहुंच गया और उसमें गिर गया। कुछ देर बाद जब बच्चे की आवाज सुनाई नहीं दी तो मां ने उसे तलाशना शुरू किया।
परिजनों के अनुसार, काफी देर तक तलाश करने के बाद शिवानी की नजर पानी से भरी बाल्टी पर पड़ी। बाल्टी के भीतर बेटे को अचेत देखकर उनके होश उड़ गए। मां की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और सभी ने मिलकर बच्चे को तत्काल एक निजी अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद मासूम को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने उम्मीद में अन्य अस्पतालों में भी बच्चे को दिखाया, लेकिन हर जगह डॉक्टरों ने उसकी मौत की पुष्टि कर दी। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पीजीआई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर परिजनों से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला दुर्घटना का प्रतीत हो रहा है। आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है और घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
सिर्फ छह माह पहले जिस घर में बच्चे की किलकारियां गूंज रही थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा है। पड़ोसी भी इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध हैं। मासूम शिवांश की असमय मौत ने पूरे मोहल्ले को गमगीन कर दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे बच्चों के लिए घर में रखी पानी से भरी बाल्टी, टब या अन्य खुले बर्तन भी गंभीर खतरा बन सकते हैं। ऐसे में अभिभावकों को शिशुओं पर लगातार नजर रखने के साथ-साथ पानी से भरे बर्तनों को उपयोग के बाद खाली करने या बच्चों की पहुंच से दूर रखने जैसी सावधानियां बरतनी चाहिए।
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