NCR में 1 जनवरी 2026 से बंद होंगी पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों से डिलीवरी

NCR News: NCR की जहरीली हवा को साफ करने की दिशा में अब सरकार ने सबसे सख्त और क्रांतिकारी कदम उठा लिया है। आने वाले दिनों में नोएडा और ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर वही तेजी से भागती डिलीवरी बाइकें दिखाई देंगी, लेकिन उनके इंजन से उठने वाला काला धुआं हमेशा के लिए इतिहास बन जाएगा।
News Desk 23 Nov 2025, 03:30 PM 1 min read
NCR में 1 जनवरी 2026 से बंद होंगी पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों से डिलीवरी


>राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र  में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसला लिया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि 1 जनवरी 2026 से नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं में पेट्रोल और डीजल वाहनों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। यह निर्णय न केवल प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाया गया कदम है, बल्कि NCR को चरणबद्ध तरीके से ग्रीन मोबिलिटी की ओर ले जाने की दिशा में भी एक बड़ा परिवर्तन है। आदेश के लागू होने के बाद किसी भी डिलीवरी कंपनी को पेट्रोल-डीजल चालित बाइक, स्कूटर, ऑटो, तिपहिया या छोटे कमर्शियल वाहन सड़कों पर उतारने की अनुमति नहीं होगी।


>CAQM के इस निर्देश का सबसे अधिक असर ई-कॉमर्स और फूड डिलीवरी कंपनियों पर पड़ेगा, जिनमें स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट, अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। इन सभी को अगले डेढ़ वर्ष के भीतर अपनी संपूर्ण डिलीवरी फ्लीट को CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलना होगा। NCR जैसे इलाके में जहां प्रतिदिन हजारों डिलीवरी वाहन सड़कों पर चलते हैं, यह बदलाव संचालन व्यवस्था और लागत दोनों पर प्रभाव डालेगा, लेकिन पर्यावरण की दृष्टि से यह कदम बेहद जरूरी माना जा रहा है।


>इसी आदेश को सुचारू रूप से लागू करने की तैयारियों के तहत नोएडा सेक्टर-32 स्थित ARTO कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ARTO (प्रशासन) नंद कुमार ने की, जबकि ARTO विनय कुमार सिंह सहित कई ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बैठक में दोटूक कहा कि 2026 की तय समयसीमा में किसी भी तरह का विस्तार नहीं किया जाएगा, इसलिए कंपनियों को अभी से अपनी फ्लीट परिवर्तन की योजना पर काम शुरू कर देना चाहिए, ताकि समय पर नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।


>अधिकारियों के अनुसार यह निर्णय महज परिवहन व्यवस्था बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि NCR की हवा को स्वच्छ बनाने की दिशा में उठाया गया अत्यावश्यक और कठोर कदम है। पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों का धुआं पहले से ही NCR के प्रदूषण स्तर में बड़ा योगदान देता है। इसके अलावा डिलीवरी वाहनों की संख्या बेहद अधिक होने के कारण वे प्रदूषण पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं। उम्मीद है कि 2026 के बाद जब केवल CNG और EV आधारित डिलीवरी वाहन ही NCR की सड़कों पर उतरेंगे, तब शहर की वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

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