पवन खेड़ा (फाइल फोटो)
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को गुवाहाटी हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा से जुड़े मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। इस फैसले के बाद उनके खिलाफ गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।
क्या है पूरा मामला: यह विवाद तब शुरू हुआ जब पवन खेड़ा ने सार्वजनिक रूप से रिनिकी भुइयां शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनके पास एक से अधिक पासपोर्ट या विदेशी नागरिकता से जुड़े दस्तावेज हैं और विदेश में संपत्तियां भी हैं।
इन आरोपों के बाद गुवाहाटी के क्राइम ब्रांच थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं, जिनमें कथित तौर पर गलत जानकारी फैलाना, धोखाधड़ी, जालसाजी, मानहानि और शांति भंग करने जैसे प्रावधान शामिल हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पवन खेड़ा ने नई दिल्ली और गुवाहाटी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि रिनिकी भुइयां शर्मा के पास कई पासपोर्ट या ‘गोल्डन कार्ड’ हैं और यह जानकारी उनके पति के चुनावी हलफनामे में शामिल नहीं की गई। हालांकि, रिनिकी भुइयां शर्मा ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन बताया और 6 अप्रैल को उनके खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत पवन खेड़ा को 10 अप्रैल को तेलंगाना हाईकोर्ट से एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत मिली थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने असम सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए इस राहत पर रोक लगा दी। शीर्ष अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि खेड़ा को अग्रिम जमानत के लिए असम की सक्षम अदालत में ही आवेदन करना होगा। इसी क्रम में गुवाहाटी हाई कोर्ट ने अब उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
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