देश में पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और सफर के तरीकों पर साफ दिखाई देने लगा है। दिल्ली समेत कई शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुकी है, जबकि डीजल के दामों में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। ईंधन महंगा होने से अब बड़ी संख्या में लोग पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों की बजाय कम खर्च वाले विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।
पिछले कुछ दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में कई बार बढ़ोतरी की गई है। इससे निजी वाहन चलाने का खर्च बढ़ गया है। खासकर नौकरीपेशा लोग, छोटे व्यापारी और रोज लंबी दूरी तय करने वाले लोगों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। बढ़ती ईंधन कीमतों का प्रभाव ट्रांसपोर्ट सेक्टर, टैक्सी सेवाओं, होटल इंडस्ट्री, डेयरी कारोबार और फल-सब्जी बाजार तक देखने को मिल रहा है।
10 दिनों में कई बार बढ़े ईंधन के दाम: हाल के दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार इजाफा हुआ है। पेट्रोल के दाम में 7 रुपये से अधिक और डीजल में करीब 7.5 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके कारण ट्रकों और टैक्सियों का परिचालन खर्च बढ़ा है, जिसका असर किराए और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ने लगा है।
इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ रहा रुझान: महंगे पेट्रोल-डीजल से राहत पाने के लिए लोग तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख कर रहे हैं। इलेक्ट्रिक कार और स्कूटर की सबसे बड़ी खासियत उनकी कम रनिंग कॉस्ट मानी जा रही है। एक बार चार्ज करने पर EV चलाने का खर्च पेट्रोल और डीजल वाहनों की तुलना में काफी कम पड़ता है। ऑटो सेक्टर में टाटा, एमजी और महिंद्रा जैसी कंपनियों की इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग लगातार बढ़ रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी और बढ़ सकती है।
सीएनजी कारों की मांग में इजाफा: पेट्रोल की ऊंची कीमतों के बीच सीएनजी वाहन भी लोगों के लिए किफायती विकल्प बनकर उभरे हैं। पहले जहां सीएनजी विकल्प सीमित कारों तक उपलब्ध था, वहीं अब कई बड़ी और प्रीमियम कारों में भी सीएनजी मॉडल आने लगे हैं। सीएनजी की कीमत पेट्रोल और डीजल की तुलना में कम होने के कारण वाहन चालकों को हर महीने ईंधन खर्च में बचत मिल रही है। यही वजह है कि शहरी इलाकों में सीएनजी कारों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
बाइक और स्कूटर को मिल रही प्राथमिकता: दैनिक आवागमन करने वाले लोग अब बड़ी कारों की जगह बाइक और स्कूटर को प्राथमिकता देने लगे हैं। खासकर सीएनजी और हाइब्रिड बाइक को लेकर लोगों में दिलचस्पी बढ़ी है। बजाज की फ्रीडम 125 बाइक को बाजार में अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। कंपनी के अनुसार यह बाइक पेट्रोल और सीएनजी दोनों विकल्पों के साथ आती है और एक किलो सीएनजी में 100 किलोमीटर से अधिक माइलेज देने का दावा करती है।
मेट्रो और बसों का बढ़ा इस्तेमाल: महंगे ईंधन के कारण अब कई लोग निजी कारों के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर जैसे शहरों में नौकरीपेशा वर्ग मेट्रो और बस सेवाओं को अधिक किफायती विकल्प मान रहा है। इससे लोगों को ईंधन, पार्किंग और वाहन मेंटेनेंस पर होने वाले खर्च में राहत मिल रही है। सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों की संख्या बढ़ने के संकेत भी मिल रहे हैं।
एथेनॉल फ्यूल और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों पर जोर: सरकार पेट्रोलियम पर निर्भरता कम करने के लिए एथेनॉल मिश्रित ईंधन को बढ़ावा दे रही है। ऑटोमोबाइल कंपनियां भी फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक पर तेजी से काम कर रही हैं। फ्लेक्स-फ्यूल वाहन E85 और E100 जैसे हाई-एथेनॉल फ्यूल पर चल सकते हैं। उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि यदि एथेनॉल आधारित ईंधन पेट्रोल से सस्ता उपलब्ध होता है तो इसकी स्वीकार्यता तेजी से बढ़ सकती है।
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