लखनऊ प्रदीप यादव। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राम मंदिर से जुड़े भूमि सौदों, चंदा मामले और SIT जांच को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने जमीन अधिग्रहण की कीमतों और बाद में हुई खरीद के बीच अंतर का मुद्दा उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
संजय सिंह ने दावा किया कि शाहनवाजपुर क्षेत्र की 117 बिस्वा जमीन नवंबर 2023 में खरीदी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस जमीन का मूल्य करीब 9 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, उसे 55 करोड़ रुपये में खरीदा गया। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में यह जांच होनी चाहिए कि विभिन्न सौदों से किसे लाभ पहुंचा।
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आप सांसद ने दावा किया कि मांझा बरेठा क्षेत्र में हजारों किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई। उनके अनुसार किसानों को करीब 4 लाख 40 हजार रुपये प्रति बिस्वा की दर से भुगतान किया गया, जबकि बाद में जमीन खरीद 47 लाख रुपये प्रति बिस्वा की दर से की गई। उन्होंने इन कीमतों के अंतर को लेकर सवाल उठाए और इसकी जांच की मांग की।
संजय सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि जिसके पास साक्ष्य हैं, वह एसआईटी को उपलब्ध कराए। आप सांसद ने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच होती है तो कई तथ्यों का खुलासा हो सकता है।
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संजय सिंह ने कहा कि चंदा मामले में एफआईआर दर्ज नहीं होने के बावजूद एसआईटी का गठन किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जांच पूरी होने से पहले कुछ लोगों को क्लीन चिट कैसे दी गई। उन्होंने चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका की भी जांच की मांग की और कहा कि उनके द्वारा पहले भी संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेजी गई थी।
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