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हर ब्लॉक में टीएलएम मेला, शिक्षा चौपाल से निपुण भारत मिशन को मिलेगा विस्तार

शिक्षा चौपाल के जरिए अभिभावकों और समुदाय को निपुण भारत मिशन से जोड़ा जाएगा, जबकि टीएलएम मेले में शिक्षक अपनी शिक्षण सामग्री और नवाचार प्रदर्शित करेंगे।
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Bureau News Desk
23 Aug 2026
11:33 AM
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हर ब्लॉक में टीएलएम मेला, शिक्षा चौपाल से निपुण भारत मिशन को मिलेगा विस्तार
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हाइलाइट्स
उत्तर प्रदेश में न्याय पंचायत स्तर पर शिक्षा चौपाल आयोजित की जाएगी।
ब्लॉक संसाधन केंद्र स्तर पर टीएलएम यानी शिक्षण-अधिगम सामग्री मेले होंगे।
शिक्षा चौपाल में अभिभावकों और समुदाय को निपुण भारत मिशन से जोड़ने पर जोर रहेगा।
टीएलएम मेले में शिक्षकों के नवाचार और शिक्षण सामग्री का प्रदर्शन होगा।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा चौपाल और टीएलएम मेलों का आयोजन किया जाएगा। शिक्षा चौपाल न्याय पंचायत स्तर पर, जबकि टीएलएम मेला ब्लॉक संसाधन केंद्र स्तर पर आयोजित किया जाएगा।

राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इन आयोजनों के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रस्तावित कार्यक्रमों के जरिए एक ओर अभिभावकों और समुदाय की विद्यालयों के साथ भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों को अपनी शिक्षण-अधिगम सामग्री और नए शिक्षण प्रयोग प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

शिक्षा चौपाल का आयोजन न्याय पंचायत स्तर पर किया जाएगा। इसका प्रमुख उद्देश्य शिक्षकों, छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और जनसमुदाय के बीच संवाद को बढ़ाना है। इसके माध्यम से विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी और अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा से संबंधित विभिन्न विषयों की जानकारी दी जाएगी।

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शिक्षा चौपाल में निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों के बारे में अभिभावकों और समुदाय को अवगत कराया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों की शिक्षा के दीर्घकालिक महत्व पर भी चर्चा होगी। इस पहल के तहत विद्यालय और परिवार के बीच संवाद को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर रहेगा।

शिक्षा चौपाल के एजेंडे में बच्चों के नामांकन और उनकी नियमित उपस्थिति में सुधार से जुड़े विषय भी शामिल हैं। आयोजन के माध्यम से अभिभावकों के साथ बच्चों की स्कूल में भागीदारी और नियमित उपस्थिति से संबंधित मुद्दों पर संवाद किया जाएगा।

निर्देशों के अनुसार बालिकाओं के संरक्षण से संबंधित विषयों पर भी चर्चा होगी। इसके जरिए समुदाय को शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों के बारे में जानकारी देने का प्रयास किया जाएगा।

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शिक्षा चौपाल के दौरान विद्यालयों में उपलब्ध कराई गई विभिन्न शिक्षण सामग्रियों के बारे में भी अभिभावकों को बताया जाएगा। इनमें संदर्शिका, प्रिंट रिच सामग्री, गतिविधि पुस्तिका, पुस्तकालय और स्पोर्ट्स सामग्री शामिल हैं।

इसका उद्देश्य अभिभावकों को यह जानकारी देना है कि विद्यालयों में बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए किस प्रकार की सामग्री उपलब्ध कराई गई है। शिक्षा चौपाल को इस संवाद का माध्यम बनाया जाएगा ताकि अभिभावकों को विद्यालय की शैक्षिक गतिविधियों और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी मिल सके।

शिक्षा चौपाल के साथ-साथ ब्लॉक संसाधन केंद्र स्तर पर टीएलएम मेले आयोजित किए जाएंगे। टीएलएम यानी शिक्षण-अधिगम सामग्री के इन मेलों में परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक अपनी तैयार की गई शिक्षण सामग्री का प्रदर्शन करेंगे।

टीएलएम मेले का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के नवाचार को प्रोत्साहित करना और अलग-अलग शिक्षण पद्धतियों को सामने लाना है। इसमें शिक्षक ऐसी शिक्षण-अधिगम सामग्री प्रदर्शित करेंगे, जिनका इस्तेमाल बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है।

टीएलएम मेले को शिक्षकों के बीच नए प्रयोगों और उत्कृष्ट शिक्षण पद्धतियों के आदान-प्रदान के मंच के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसमें अलग-अलग विद्यालयों के शिक्षक अपने अनुभव और शिक्षण सामग्री साझा कर सकेंगे।

इस पहल के जरिए ऐसे शिक्षण प्रयासों को सामने लाने पर जोर होगा, जिनसे बच्चों को विषयों को समझने में मदद मिल सके। शिक्षकों को अपनी रचनात्मकता और नवाचार प्रदर्शित करने का अवसर भी मिलेगा।

निर्देशों के मुताबिक टीएलएम मेले में सर्वश्रेष्ठ शिक्षण-अधिगम सामग्री का प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को पुरस्कृत किया जाएगा। इससे मेले में शिक्षकों की भागीदारी और नवाचार को बढ़ावा देने की व्यवस्था की गई है।

पुरस्कार की व्यवस्था का उद्देश्य शिक्षकों को अपने शिक्षण प्रयोगों और सामग्री को बेहतर तरीके से तैयार कर प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस आयोजन में विभिन्न शिक्षण-अधिगम सामग्रियों का प्रदर्शन किया जाएगा।

शिक्षा चौपाल और टीएलएम मेले के आयोजन के लिए वित्तीय प्रावधान भी किया गया है। निर्देशों के मुताबिक शिक्षा चौपाल के लिए प्रति न्याय पंचायत संसाधन केंद्र 10 हजार रुपये की दर से धनराशि का प्रावधान है।

वहीं टीएलएम मेले के आयोजन के लिए प्रति विकास खंड 25 हजार रुपये की दर से धनराशि निर्धारित की गई है। इस राशि का प्रावधान संबंधित आयोजनों को संचालित करने के लिए किया गया है।

प्रस्तावित शिक्षा चौपाल का एक प्रमुख उद्देश्य अभिभावकों और समुदाय को निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों से जोड़ना है। इसके तहत बच्चों की शिक्षा को लेकर परिवार और विद्यालय के बीच संवाद बढ़ाने पर फोकस किया जाएगा।

निपुण भारत मिशन से जुड़े लक्ष्यों की जानकारी अभिभावकों को देने के साथ बच्चों की शिक्षा के दीर्घकालिक महत्व पर चर्चा की जाएगी। इस प्रक्रिया में समुदाय की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।

शिक्षा चौपाल और टीएलएम मेले दोनों का फोकस परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर है। जहां शिक्षा चौपाल के जरिए विद्यालय, अभिभावक और समुदाय के बीच संवाद को बढ़ाने की तैयारी है, वहीं टीएलएम मेले में शिक्षकों के नवाचार और शिक्षण सामग्री को सामने लाने पर जोर दिया गया है।

दोनों कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग स्तर तय किए गए हैं। शिक्षा चौपाल न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित होगी और टीएलएम मेला ब्लॉक संसाधन केंद्र स्तर पर होगा। इससे आयोजन को स्थानीय और ब्लॉक स्तर तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

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