चार साल सेवा पूरी करने वाले पूर्व अग्निवीरों के लिए यूपी में खुलेगा नौकरी का रास्ता

07 Oct 2026

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सेना की सेवा पूरी कर चुके युवाओं के लिए सरकारी नौकरी से जुड़ी एक नई व्यवस्था तैयार की जा रही है। वन विभाग की आगामी भर्तियों को लेकर सरकार ने एक ऐसे प्रस्ताव पर आगे बढ़ने की तैयारी की है, जिसका सीधा संबंध पूर्व अग्निवीरों से है। इस व्यवस्था में वन विभाग की कुछ सीधी भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण देने का प्रावधान किया जाएगा। इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए विभाग की मौजूदा सेवा नियमावली में संशोधन किया जाना है। नियमों में बदलाव के बाद ही प्रस्तावित व्यवस्था को आगामी भर्ती प्रक्रिया में लागू करने का रास्ता साफ होगा।

उत्तर प्रदेश सरकार वन विभाग की सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने की तैयारी कर रही है। यह आरक्षण विशेष रूप से वन रक्षक और वन्यजीव रक्षक के पदों पर होने वाली सीधी भर्ती में लागू करने का प्रस्ताव है। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए उप्र अवर अधीनस्थ वन (वन रक्षक/वन्यजीव रक्षक) सेवा नियमावली-2015 में संशोधन किया जाएगा। विभाग इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। प्रस्ताव तैयार होने के बाद इसे कैबिनेट की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलने और नियमावली में आवश्यक संशोधन के बाद प्रस्तावित आरक्षण व्यवस्था को आगे होने वाली संबंधित सीधी भर्तियों में लागू किया जा सकेगा।

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प्रस्तावित व्यवस्था में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण को क्षैतिज आधार पर लागू किया जाएगा। इसका मतलब यह है कि पूर्व अग्निवीरों को उनकी सामाजिक श्रेणी के अनुसार संबंधित श्रेणी के पदों में समायोजित किया जाएगा। मसलन, कोई पूर्व अग्निवीर जिस आरक्षित या अनारक्षित श्रेणी से संबंधित होगा, उसका समायोजन उसी श्रेणी में किया जाएगा। इस व्यवस्था में पूर्व अग्निवीरों के लिए अलग से ऐसा प्रावधान होगा, जो संबंधित श्रेणी के भीतर क्षैतिज आरक्षण के रूप में लागू होगा। इस तरह प्रस्तावित व्यवस्था में आरक्षण का लाभ पूर्व अग्निवीरों को उनकी संबंधित श्रेणी के आधार पर मिलेगा।

एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण पर क्या होगा असर?

प्रस्तावित व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण बात यह है कि पूर्व अग्निवीरों के लिए दिया जाने वाला आरक्षण क्षैतिज आधार पर होगा। इसके चलते मौजूदा एससी, एसटी, ओबीसी और अन्य आरक्षण व्यवस्था के हिस्से में कटौती किए बिना पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण देने का प्रावधान किया जा सकेगा। यानी पूर्व अग्निवीर जिस आरक्षित या अनारक्षित वर्ग से आते हैं, उनका समायोजन उसी वर्ग के पदों में किया जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था में 20 प्रतिशत आरक्षण को संबंधित श्रेणियों के भीतर लागू करने की बात है। इस प्रावधान का उद्देश्य पूर्व अग्निवीरों को वन विभाग की संबंधित सीधी भर्ती में आरक्षण का लाभ उपलब्ध कराना है, जबकि मौजूदा श्रेणी आधारित आरक्षण व्यवस्था को भी बरकरार रखा जाएगा।

वन रक्षक और वन्यजीव रक्षक की सीधी भर्ती से संबंधित मौजूदा नियम उप्र अवर अधीनस्थ वन (वन रक्षक/वन्यजीव रक्षक) सेवा नियमावली-2015 में दर्ज हैं। पूर्व अग्निवीरों के लिए प्रस्तावित आरक्षण को लागू करने के लिए इसी नियमावली में आवश्यक बदलाव किया जाना है। विभाग फिलहाल प्रस्ताव को अंतिम रूप देने में जुटा है। नियमावली में संशोधन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नई आरक्षण व्यवस्था को भर्ती प्रक्रिया में लागू करने का औपचारिक आधार तैयार होगा। इसके लिए प्रस्ताव को कैबिनेट के समक्ष रखा जाना है। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद नियमावली में संशोधन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

दिए गए प्रस्ताव के अनुसार यह सुविधा उन अग्निवीरों के लिए होगी, जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में चार वर्ष की सेवा पूरी की है। अर्थात प्रस्तावित व्यवस्था का लाभ ऐसे पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा जिन्होंने अग्निवीर के रूप में निर्धारित चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी की है और जो वन विभाग की संबंधित सीधी भर्ती में पात्रता के अनुसार आवेदन करेंगे। प्रस्ताव में पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण देने की व्यवस्था भूतपूर्व सैनिकों की तर्ज पर किए जाने की बात कही गई है।

अग्निवीर के रूप में चार वर्ष की सेवा पूरी करने वाले युवाओं के लिए सेवा अवधि पूरी होने के बाद रोजगार का मुद्दा महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश में वन विभाग की सीधी भर्ती में प्रस्तावित 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण इसी दिशा में एक नई व्यवस्था के रूप में सामने आया है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद वन रक्षक और वन्यजीव रक्षक के पदों पर होने वाली आगामी सीधी भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए निर्धारित आरक्षण का प्रावधान रहेगा। हालांकि, प्रस्तावित व्यवस्था अभी नियमावली में संशोधन की प्रक्रिया में है। इसे लागू करने के लिए संबंधित नियमों में बदलाव और कैबिनेट की स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जानी है।

प्रस्ताव के अनुसार पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण क्षैतिज आधार पर होगा। इसका सीधा अर्थ यह है कि पूर्व अग्निवीरों की सामाजिक श्रेणी को भी ध्यान में रखा जाएगा। यदि कोई पूर्व अग्निवीर अनारक्षित श्रेणी से संबंधित है तो उसका समायोजन अनारक्षित श्रेणी में होगा। इसी तरह आरक्षित श्रेणी से संबंधित पूर्व अग्निवीरों का समायोजन उनकी संबंधित आरक्षित श्रेणी में किया जाएगा। इस व्यवस्था के जरिए पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ देने का प्रस्ताव है, जबकि एससी, एसटी, ओबीसी और अन्य मौजूदा आरक्षण व्यवस्था को प्रभावित किए बिना इसका प्रावधान किया जाएगा।

वन विभाग प्रस्ताव को अंतिम रूप देने में जुटा है। इसके बाद प्रस्ताव को राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद सेवा नियमावली में संशोधन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। नियमावली में बदलाव होने के बाद ही वन रक्षक और वन्यजीव रक्षक की आगामी सीधी भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए प्रस्तावित आरक्षण को लागू किया जा सकेगा। इस तरह फिलहाल प्रस्तावित व्यवस्था का अगला महत्वपूर्ण चरण सेवा नियमावली में संशोधन और उसके लिए कैबिनेट की मंजूरी है।