धुएं से भरी इमारत में अब भी चल रहा सर्च ऑपरेशन, 15 मौतों की पुष्टि के बीच PM मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान

22 Jun 2026

 

लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के बाद हालात लगातार बदल रहे हैं। इमारत के भीतर अब भी धुआं भरा होने के कारण राहत एजेंसियों द्वारा सर्च ऑपरेशन जारी है। इस बीच, अधिकारियों ने 14 लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि घायलों का इलाज केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।

 

उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ के अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर लखनऊ लौटने का फैसला किया है।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ में हुई आग की घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति उनकी संवेदनाएं हैं। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है।

 

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अधिकारियों के अनुसार इमारत के भीतर अभी भी धुआं भरा हुआ है, जिसकी वजह से टीमें सावधानी के साथ सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। बचाव दल लगातार हर हिस्से की जांच कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अंदर कोई और व्यक्ति फंसा न हो। घटनास्थल पर दमकल विभाग, स्थानीय पुलिस और अन्य एजेंसियों की टीमें लगातार तैनात हैं।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अग्निकांड का संज्ञान लेते हुए अलीगढ़ के सभी कार्यक्रम निरस्त कर दिए हैं और लखनऊ लौट रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने घायलों के इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगाने के निर्देश भी दिए हैं।

 

 

अग्निकांड के बाद डीजीपी राजीव कृष्ण, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। मुख्यमंत्री सुरक्षा से जुड़े अधिकारी भी पिछले कई घंटों से मौके पर मौजूद हैं और प्रमुख सचिव गृह लगातार मुख्यमंत्री को पल-पल की जानकारी दे रहे हैं।

 

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि घायलों का इलाज जारी है और प्रशासन की प्राथमिकता हर प्रभावित व्यक्ति को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

 

इस घटना के बाद भवन की सुरक्षा व्यवस्था और एनओसी प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। यह चर्चा तेज हो गई है कि जिस इमारत में पर्याप्त निकास मार्ग नहीं थे, उसे एनओसी कैसे जारी की गई। सूत्रों के मुताबिक, फायर विभाग और एलडीए से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा सकती है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।