ईरान युद्ध से भारत के IPO बाजार हुए धड़ाम, कई बड़ी कंपनियों ने टाले लिस्टिंग प्लान

22 Mar 2026

मध्य पूर्व में जारी ईरान युद्ध का असर अब भारत के शेयर बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। वर्ष 2025 में दुनिया का सबसे व्यस्त IPO बाजार रहने वाला भारत अब वैश्विक अनिश्चितता और निवेशकों की घटती रुचि के कारण सुस्ती का सामना कर रहा है।

 

रिपोर्ट्स के अनुसार वैश्विक ब्रोकरेज कंपनियों ने भारतीय बाजार को लेकर अपने अनुमान कम कर दिए हैं। निफ्टी 50 के लक्ष्य में कटौती की गई है, जबकि बाजार में गिरावट और निवेशकों की सतर्कता के चलते कई कंपनियों ने अपने IPO प्लान टाल दिए हैं।

 

भुगतान प्लेटफॉर्म PhonePe द्वारा अपनी लिस्टिंग योजना को रोकना इस रुझान का प्रमुख संकेत माना जा रहा है। इसके अलावा Zepto, Flipkart और Oyo जैसी कंपनियों ने भी बाजार परिस्थितियों के चलते अपने IPO में देरी की है।

 

विशेषज्ञों के अनुसार ईरान युद्ध के कारण तेल कीमतों में बढ़ोतरी, सप्लाई चेन पर असर और वैश्विक अनिश्चितता ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को कम किया है। जनवरी के बाद से भारतीय शेयर बाजार में 12% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।

 

विदेशी निवेशकों ने भी बाजार से दूरी बनाई है और इस महीने अब तक 8 अरब डॉलर से अधिक की सेल आउट की है। इसके साथ ही रुपये में कमजोरी और लिक्विडिटी की कमी ने IPO बाजार को और प्रभावित किया है।

 

डाटा के मुताबिक इस साल सूचीबद्ध हुए अधिकांश IPO अपने इश्यू प्राइस से नीचे कारोबार कर रहे हैं, जिससे रिटेल और हाई नेटवर्थ निवेशकों की भागीदारी घटी है।

 

विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े IPO, जैसे रिलायंस जियो और NSE, बाजार स्थितियों में सुधार के बाद ही आगे बढ़ सकते हैं। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बीच IPO बाजार की गतिविधि फिलहाल धीमी बनी हुई है और निवेशकों की भागीदारी सीमित देखी जा रही है।