उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष जयप्रकाश अनुरागी के एक बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अंबेडकर जयंती कार्यक्रम के दौरान रामायण और गीता पर की गई टिप्पणी के बाद मामला तूल पकड़ गया है। पार्टी ने इस बयान से दूरी बनाते हुए इसे व्यक्तिगत विचार बताया है।
जानकारी के अनुसार, कुलपहाड़ तहसील के सुगिरा गांव में आयोजित आंबेडकर जयंती कार्यक्रम में जयप्रकाश अनुरागी ने मंच से संबोधन के दौरान कहा कि रामायण और गीता को घर-घर पहुंचाने की बात तो की जाती है, लेकिन संविधान की पूजा की सलाह नहीं दी जाती। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
अपने संबोधन में उन्होंने कथावाचकों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि वे रामकथा और भागवत सुनाते हैं, लेकिन संविधान के विषय में बात नहीं करते। इसके अलावा उन्होंने बी आर अंबेडकर के संदर्भ में भी टिप्पणी करते हुए कड़े शब्दों का प्रयोग किया।
बयान सामने आने के बाद भाजपा ने इससे दूरी बना ली है। कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के महामंत्री संत विलास शिवहरे ने इसे व्यक्तिगत विचार बताते हुए कहा कि आस्था और संविधान के बीच भेद करना उचित नहीं है।
वहीं, जिला अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा ने कहा कि यह बयान पार्टी की गाइडलाइंस के अनुरूप नहीं है और इस संबंध में प्रदेश नेतृत्व को जानकारी दे दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में आगे की कार्रवाई शीर्ष नेतृत्व द्वारा तय की जाएगी।