करीब 33 साल पहले ट्रक चालक की हत्या और तांबे से लदे ट्रक की लूट के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को आखिरकार क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान राजस्थान के झुंझुनू निवासी राजेंदर सिंह उर्फ राजू उर्फ सागर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार वह 1994 से घोषित अपराधी था और लगातार अपनी पहचान तथा ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा। पुलिस के मुताबिक आरोपी को हरियाणा के नारनौल स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया गया। आरोपी पर 1993 में ट्रक चालक राम सिंह की हत्या और तांबे से लदे ट्रक की लूट में शामिल होने का आरोप है।
क्या था पूरा मामला?
उपायुक्त संजीव कुमार यादव के अनुसार, 15 जून 1993 को आरोपी राजेंदर सिंह और उसके साथियों ने हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड का तांबे से लदा ट्रक लूटने की योजना बनाई थी। ट्रक चालक राम सिंह को दिल्ली के लाहौरी गेट इलाके के एक होटल में ले जाया गया, जहां कथित रूप से उसे जहर देकर मार दिया गया। जांच में सामने आया था कि मृतक चालक को आखिरी बार राजेंदर सिंह के साथ देखा गया था। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया और अगले वर्ष उसे घोषित अपराधी घोषित कर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब अपराध हुआ था तब आरोपी की उम्र लगभग 25 वर्ष थी। अब उसकी उम्र करीब 59 वर्ष हो चुकी है। घटना के समय डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे और आधुनिक पहचान तकनीकें भी सीमित थीं। इसी कारण आरोपी की पहचान और लोकेशन का पता लगाना जांच एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था।
कैसे पहुंची पुलिस आरोपी तक?
पिछले कुछ महीनों में आरोपी की तलाश के लिए एसीपी सतेंद्र मोहन की निगरानी में विशेष टीम का गठन किया गया। इंस्पेक्टर सुनील कुमार कालखंडे के नेतृत्व में टीम ने आरोपी के पुराने रिकॉर्ड और पारिवारिक संपर्कों की गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान टीम ने राजस्थान के झुंझुनू स्थित आरोपी के पैतृक गांव की पहचान की। पुलिस ने परिवार से जुड़े कुछ मोबाइल नंबरों पर तकनीकी निगरानी रखी। इसी दौरान एक संदिग्ध मोबाइल नंबर सामने आया जो अक्सर बंद रहता था। जब भी नंबर सक्रिय होता, उसकी लोकेशन अलग-अलग शहरों के होटल और गेस्ट हाउस में मिलती थी। एक जून को यह नंबर हरियाणा के नारनौल बस स्टैंड के पास सक्रिय मिला। सूचना मिलने के बाद टीम ने छापेमारी की और आरोपी को होटल से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपनी पहचान बदलता रहा। उसने पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गोवा समेत कई राज्यों में समय बिताया। जांच के अनुसार आरोपी ने फरारी के दौरान मुंबई में बार में काम किया और जीविका चलाने के लिए वड़ा पाव भी बेचा। बाद में उसने गोवा के एक कैसीनो में लगभग दो वर्षों तक काम किया। पुलिस का कहना है कि आरोपी लगातार शहर और पहचान बदलता रहा, जिससे उसे पकड़ना कठिन हो गया था।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मृतक ट्रक चालक राम सिंह उसका परिचित था। उसे जानकारी थी कि राम सिंह तांबा लेकर दिल्ली आता-जाता है। पुलिस के अनुसार इसी जानकारी के आधार पर आरोपी और उसके साथियों ने तांबा लूटने और चालक की हत्या की योजना बनाई। आरोपी राजस्थान के खेतड़ी से राम सिंह के साथ दिल्ली आया और होटल में ठहरने के दौरान वारदात को अंजाम दिया गया।