अमृतसर। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने और निर्धारित समय के भीतर जुर्माना या टैक्स जमा नहीं करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ ट्रांसपोर्ट विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने अमृतसर सहित विभिन्न जिलों में 500 से अधिक वाहनों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद संबंधित वाहन मालिकों को परमिट, आरसी नवीनीकरण, एनओसी और परिवहन विभाग की अन्य सेवाओं का लाभ तब तक नहीं मिलेगा, जब तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह अभियान सरकारी राजस्व की वसूली सुनिश्चित करने और ट्रैफिक नियमों के प्रभावी पालन के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जिन वाहनों पर विभाग का जुर्माना या टैक्स लंबित है और समयसीमा के भीतर भुगतान नहीं किया गया है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अधिकारियों ने बताया कि किसी वाहन का चालान होने के बाद यदि वाहन मालिक 90 दिनों के भीतर जुर्माना जमा नहीं करता, तो संबंधित वाहन को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाता है। ब्लैकलिस्ट होने के बाद वाहन को तब तक किसी भी प्रकार की ऑनलाइन या विभागीय सेवा उपलब्ध नहीं कराई जाती, जब तक जुर्माना जमा कर विभाग की ओर से एनओसी जारी नहीं की जाती। इस अवधि के दौरान वाहन का परमिट, आरसी नवीनीकरण और अन्य परिवहन संबंधी प्रक्रियाएं भी प्रभावित रहती हैं।
कार्रवाई के बीच एक ट्रांसपोर्टर द्वारा आरटीए कार्यालय पहुंचकर विरोध भी दर्ज कराया गया। ट्रांसपोर्टर बख्शीश सिंह का आरोप था कि उसके वाहन को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया, जबकि उसने सभी जुर्माने का भुगतान कर दिया है।
इस मामले में सैक्रेटरी आरटीए हितेश्वर गुप्ता ने बताया कि संबंधित वाहन के खिलाफ गुजरात में भी चालान लंबित हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सभी लंबित चालानों का निस्तारण नहीं हो जाता, वाहन को ब्लैकलिस्ट सूची से हटाया नहीं जा सकता।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन वाहन मालिकों द्वारा निर्धारित अवधि के भीतर सभी जुर्माने का भुगतान कर दिया जाता है, उनके वाहनों को ब्लैकलिस्ट पोर्टल से हटा दिया जाता है।
ट्रांसपोर्ट विभाग ने अमृतसर से दिल्ली, जम्मू-कटड़ा, राजस्थान और अन्य मार्गों पर संचालित वीडियो कोच बसों की निगरानी भी बढ़ा दी है। सैक्रेटरी आरटीए, एडीटीओ और अन्य अधिकारी विभिन्न स्थानों पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच कर रहे हैं।
विभाग विशेष रूप से उन बसों के परमिट की भी जांच कर रहा है, जो अन्य राज्यों में पंजीकृत हैं और पंजाब में संचालन कर रही हैं। इसके अलावा ऐसे वैकल्पिक मार्गों पर भी निगरानी रखी जा रही है, जहां से नियमों के उल्लंघन की आशंका रहती है।
विभाग ने संकेत दिए हैं कि आगामी दिनों में स्कूल खुलने के साथ ही सेफ स्कूल वैन पॉलिसी के तहत विशेष जांच अभियान भी चलाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार स्कूल प्रबंधन को पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं कि सभी स्कूल वैन और बसों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार किया जाए। जांच के दौरान यदि कोई स्कूल वैन या बस सुरक्षा मानकों का पालन करती नहीं पाई गई तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।