8वां वेतन आयोग: जनवरी 2026 से बदलेगी सैलरी स्ट्रक्चर की तस्वीर - जानें कितनी बढ़ेगी तनख्वाह और कब मिलेगा फायदा

30 Oct 2025


>देश के 1 करोड़ से अधिक सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आठवें वेतन आयोग के टर्म ऑफ रेफरेंस को मंजूरी दे दी है। यह फैसला केंद्र सरकार, रक्षा मंत्रालय, रेलवे, डाक विभाग और केंद्रीय सशस्त्र बलों के कर्मचारियों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है।


>सरकार के अनुसार, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें जनवरी 2026 से लागू होंगी, हालांकि आयोग को रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इसका मतलब है कि वेतन में वास्तविक बढ़ोतरी 2027 या 2028 तक देखने को मिल सकती है।


>क्या होता है ‘टर्म ऑफ रेफरेंस’?


>टर्म ऑफ रेफरेंस दरअसल वह ढांचा होता है जिसके आधार पर आयोग वेतन, भत्ते और पेंशन में संशोधन की सिफारिशें करता है। इसमें देश की आर्थिक स्थिति, राजकोषीय प्रबंधन और सरकार की विकास योजनाओं पर खर्च करने की क्षमता जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है।


>कितना बढ़ेगा वेतन?


>वेतन वृद्धि का आधार होगा ‘फिटमेंट फैक्टर’ जो तय करता है कि मौजूदा बेसिक सैलरी में कितनी गुना बढ़ोतरी होगी। सातवें वेतन आयोग में यह फैक्टर 2.57x था। अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹20,000 थी, तो नई सैलरी बनी - ₹20,000 × 2.57 = ₹51,400। अब अगर सरकार इस बार फिटमेंट फैक्टर को 3.0x या 3.5x तक बढ़ाती है, तो सैलरी में भारी उछाल संभव है।


>मान लीजिए, लेवल-4 पर किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी ₹29,200 है।


>वर्तमान वेतन संरचना:


>अगर 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.0x रखा गया, तो—


>यानि कि हर महीने लगभग ₹21,000 की बढ़ोतरी संभव है।


>सरकार ने साफ किया है कि आयोग की सिफारिशें जनवरी 2026 से लागू होंगी। आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय मिलेगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर प्रक्रिया तय समय पर पूरी हुई, तो 2027 तक इसका लाभ सभी कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलना शुरू हो जाएगा।


>किन्हें होगा फायदा?