दो पासपोर्ट मामले में अब्दुल्ला आजम को बड़ी राहत, सेशन कोर्ट ने मंजूर की अपील

29 May 2026

 

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां के पुत्र और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को दो पासपोर्ट मामले में राहत मिली है। सात साल की सजा के खिलाफ दायर उनकी अपील को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। अदालत ने शुक्रवार को इस मामले में अपना फैसला सुनाया। यह मामला वर्ष 2019 में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने 30 जुलाई 2019 को सिविल लाइंस कोतवाली में अब्दुल्ला आजम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अलग-अलग जन्मतिथियों के आधार पर दो पासपोर्ट बनवाए और उनका उपयोग भी किया।

 

प्राथमिकी के अनुसार, एक पासपोर्ट में अब्दुल्ला आजम की जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 दर्ज थी, जबकि दूसरे पासपोर्ट में जन्मतिथि 30 सितंबर 1990 अंकित थी। आरोप था कि दोनों पासपोर्ट असत्य और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त किए गए तथा इनके माध्यम से विदेश यात्राएं भी की गईं। मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। इसके बाद मुकदमा एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में चला। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने 5 दिसंबर 2025 को अब्दुल्ला आजम को धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और उनके उपयोग का दोषी मानते हुए सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी।

 

सजा के खिलाफ अब्दुल्ला आजम ने अपने अधिवक्ता विनोद कुमार शर्मा के माध्यम से एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) में अपील दायर की थी। इस अपील पर अभियोजन पक्ष की ओर से आपत्ति भी दाखिल की गई थी। अपील पर दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने 25 मई को फैसला सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को अदालत ने अपना निर्णय सुनाते हुए अपील स्वीकार कर ली।