>उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत जौनपुर की पूजा सिंह ने यूपीएससी-सीएपीएफ परीक्षा उत्तीर्ण कर असिस्टेंट कमांडेंट का पद हासिल किया है। आर्थिक सीमाओं के बावजूद निःशुल्क कोचिंग और मार्गदर्शन के सहारे मिली इस सफलता को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण माना जा रहा है।
>पूजा सिंह जौनपुर के एक किसान परिवार से आती हैं। सीमित आय के बीच उनकी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली में हुई, जहां उन्होंने 12वीं तक पढ़ाई पूरी की। इसके बाद आर्थिक कारणों से उन्हें जौनपुर लौटना पड़ा और टीडी कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की। इसी दौरान वर्ष 2024 में उन्हें समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की जानकारी मिली। मई 2024 में आवेदन के बाद जून से उन्होंने योजना के अंतर्गत निःशुल्क कोचिंग शुरू की।
>योजना के तहत अनुभवी शिक्षकों द्वारा नियमित कक्षाएं, व्यवस्थित पाठ्यक्रम और निरंतर अभ्यास उपलब्ध कराया गया। पूजा ने कॉलेज के बाद प्रतिदिन निर्धारित समय पर कक्षाओं में भाग लिया। उन्होंने बताया कि निजी कोचिंग का खर्च वहन करना उनके परिवार के लिए संभव नहीं था, जिसे अभ्युदय योजना ने दूर कर दिया।
>पूजा सिंह का कहना है, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने मेरे सपनों को राह दी। उनकी तैयारी का परिणाम यह रहा कि उन्होंने पहले ही प्रयास में यूपीएससी-सीएपीएफ परीक्षा पास कर असिस्टेंट कमांडेंट का पद प्राप्त किया।
>समाज कल्याण विभाग के अनुसार, अभ्युदय योजना के माध्यम से आईएएस, पीसीएस, नीट, जेईई और सीएपीएफ जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रदेशभर में निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों को अवसर मिल सके। पूजा सिंह की सफलता के साथ मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत चयन का यह परिणाम दर्ज किया गया है, जिसे योजना के लाभार्थियों के लिए एक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।