आशा भोंसले की सलाह से बदली अदनान सामी की किस्मत

02 Jun 2025


>गायक और संगीतकार अदनान सामी, जो पाकिस्तान में जन्मे और 2016 में भारतीय नागरिक बने, ने हाल ही में एक टीवी इंटरव्यू में अपने करियर से जुड़ी एक बड़ी सच्चाई साझा की। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी म्यूजिक इंडस्ट्री में उन्हें नज़रअंदाज़ किया गया और कैसे भारत आने का फैसला उनकी सबसे बड़ी मजबूती बन गया।


>अदनान ने खुलासा किया कि वह एक समृद्ध परिवार से आते हैं और उनके पास कभी पैसों की कमी नहीं थी। उनका कहना है, “मुझे पैसों की लालच नहीं थी। एक कलाकार को सबसे ज्यादा ज़रूरत होती है श्रोताओं की। पाकिस्तान से प्यार मिला, लेकिन वहां के म्यूजिक इंडस्ट्री में कुछ लोगों ने तय कर लिया कि मैं अब खत्म हो चुका हूं। उन्होंने मेरे गानों को कोई प्रमोशन नहीं दिया। 1998 में रिलीज़ हुए गानों को जानबूझकर गायब कर दिया गया। मैं बहुत आहत हुआ।”


>इस कठिन समय में जब अदनान कनाडा में थे, उन्होंने दिग्गज गायिका आशा भोंसले से संपर्क किया। उन्होंने बताया, “मैंने आशा जी से कहा कि लोग मुझसे काम नहीं करना चाहते, तो मैं लंदन में आपके साथ गाना रिकॉर्ड करना चाहता हूं। इस पर उन्होंने कहा, ‘लंदन क्यों? मुंबई आओ। ये हिंदी म्यूजिक की राजधानी है। यहां जो चलेगा, वो दुनिया में चलेगा।’”


>इसके बाद अदनान मुंबई पहुंचे और आशा भोंसले ने उन्हें आर.डी. बर्मन के घर ठहराया – जिसे उन्होंने “संगीत का मंदिर” बताया। पाकिस्तान में अस्वीकार किए गए गाने जैसे ‘लिफ्ट करा दे’ और ‘भीगी भीगी रातों में’ भारत में सुपरहिट हुए।


>अदनान सामी ने कहा कि भारत में उन्हें जो प्यार और स्वीकार्यता मिली, वह पहले कभी महसूस नहीं हुई। उन्होंने यह भी जोड़ा कि केवल वे ही नहीं, बल्कि उस्ताद नुसरत फतेह अली खान, मेहदी हसन और रेशमा जैसे पाकिस्तानी कलाकारों को भी भारत में अभूतपूर्व लोकप्रियता मिली। इसका कारण है भारत का विशाल संगीत प्रेमी वर्ग और संगीत के प्रति सम्मान।


>भारत आने के बाद अदनान सामी ने कई हिट बॉलीवुड गानों को अपनी आवाज़ दी, जिनमें शामिल हैं:

‘तू सिर्फ मेरा महबूब’ – अजनबी

‘नशे नशे में यार’ – जनशीन

‘शायद यही तो प्यार है’ – लकी: नो टाइम फॉर लव

‘दिल क्या करे’ – सलाम-ए-इश्क

‘बातें कुछ अनकहीं सी’ – लाइफ इन ए मेट्रो