>उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसे अवैध धर्मांतरण रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जिसने न केवल राज्य को बल्कि पूरे देश को चौंका दिया है। इस साजिश का सरगना अब्दुल रहमान उर्फ रहमान चाचा, जिसे दिल्ली के मुस्तफाबाद से गिरफ्तार किया गया, मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच आगरा सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अब इस मामले की परत दर परत जांच में जुटी है।
>पुलिस जांच में सामने आया है कि अब्दुल रहमान का असली नाम महेंद्र पाल जादौन है, जो फिरोजाबाद का मूल निवासी है और 1990 में धर्म परिवर्तन कर 'रहमान' बना। इसके बाद उसने अवैध धर्मांतरण को अपना मिशन बना लिया। पुलिस के अनुसार, रहमान न केवल हिंदू लड़कियों को निशाना बनाकर धर्मांतरण करवाता था, बल्कि सोशल मीडिया, यूट्यूब चैनल और पॉडकास्ट के माध्यम से हिंदू धर्म के विरुद्ध उकसावे वाले विचार भी प्रचारित करता था।
>इस पूरे मामले की शुरुआत मार्च 2025 में आगरा के सदर बाजार क्षेत्र से हुई, जहां 33 और 18 वर्ष की दो सगी बहनों के लापता होने की शिकायत दर्ज हुई थी। पुलिस और साइबर सेल ने जांच के दौरान दोनों बहनों को कोलकाता से बरामद किया। पूछताछ में पता चला कि उनका ब्रेनवॉश कर धर्मांतरण करवाया गया था। यही मामला अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय धर्मांतरण गिरोह के भंडाफोड़ का कारण बना।
>जांच में पता चला है कि इस रैकेट को कनाडा, अमेरिका, लंदन, दुबई और पाकिस्तान से फंडिंग मिल रही थी। रहमान के भतीजे के माध्यम से लंदन से फंड ट्रांसफर किया जा रहा था। इसके अलावा, इस नेटवर्क के प्रतिबंधित संगठनों जैसे PFI, SDPI और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े होने की भी आशंका है। पुलिस ने अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें अधिकांश कन्वर्टेड मुस्लिम हैं।
>अभियोजन अधिकारी ब्रजमोहन कुशवाहा ने बताया कि पुलिस ने कोर्ट से 14 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन 10 दिन की रिमांड को मंजूरी मिली है। इस दौरान पुलिस रहमान से पूछताछ कर नेटवर्क की जड़ें, आर्थिक स्रोत, अन्य सहयोगियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका को खंगालेगी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।