>अब भारत के स्कूलों में भविष्य की शिक्षा शुरू होने जा रही है। शिक्षा मंत्रालय ने बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि अब कक्षा 3 से ही छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बुनियादी जानकारी दी जाएगी। यानी, अब बच्चे मोबाइल चलाने से पहले यह समझेंगे कि मशीनें कैसे सोचती हैं, निर्णय कैसे लेती हैं और टेक्नोलॉजी से दुनिया को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है।
>मंत्रालय का कहना है “आज की दुनिया में AI सिर्फ एक तकनीक नहीं, बल्कि आने वाले कल की नींव है। अगर बच्चे बचपन से ही इसे समझ लें तो वे सिर्फ सीखेंगे नहीं, बल्कि सृजनकर्ता बनेंगे।”
>शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के तहत यह फैसला लिया गया है। इस प्रोजेक्ट का नाम रखा गया है “AI & Computational Thinking (AI & CT)”। इसका मकसद बच्चों को सिर्फ टेक्नोलॉजी का यूजर नहीं, बल्कि इन्वेंटर बनाना है। इस कोर्स के तहत बच्चों को यह सिखाया जाएगा कि कैसे मशीनें सीखती हैं, सोचती हैं और समस्याओं का समाधान करती हैं। उदाहरण के तौर पर, बच्चे सिर्फ यह नहीं जानेंगे कि रोबोट कैसे चलता है, बल्कि यह भी समझेंगे कि उसके दिमाग यानी प्रोग्रामिंग में क्या चल रहा है।
>कब और कैसे शुरू होगा यह कोर्स?
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देशभर के स्कूलों में यह कोर्स सत्र 2026-27 से लागू होगा।
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शुरुआत कक्षा 3 से होगी और हर साल एक-एक क्लास में आगे बढ़ेगा।
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दिसंबर 2025 तक इसके लिए किताबें, डिजिटल सामग्री और वीडियो मॉड्यूल तैयार कर लिए जाएंगे।
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शिक्षकों की ट्रेनिंग NISHTHA और अन्य संस्थानों के सहयोग से शुरू हो चुकी है।
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>कौन बना रहा है कोर्स?
>AI शिक्षा प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी IIT मद्रास के प्रोफेसर कार्तिक रमण की अगुवाई में एक विशेषज्ञ टीम को दी गई है। यह कोर्स NCERT, CBSE, KVS, NVS और राज्य सरकारों के सहयोग से तैयार किया जा रहा है। पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचा (NCF SE 2023) के अनुरूप डिज़ाइन किया जा रहा है।
>क्यों जरूरी है यह कदम?
>भारत का AI सेक्टर तेजी से उभर रहा है :-
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वर्ष 2025 तक भारत का AI मार्केट 17 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका होगा।
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वहीं 2030 तक यह 100 बिलियन डॉलर को पार करने का अनुमान है। शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि अगर बच्चे अभी से AI समझेंगे, तो वे भविष्य की नौकरियों जैसे AI इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट, रोबोटिक्स एक्सपर्ट आदि में नेतृत्व कर सकेंगे।
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>यह कदम देश को “AI यूजर” से “AI क्रिएटर” बनने की दिशा में ले जाएगा।