उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में मैनपुरी की 16 वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म और बदायूं के दातागंज थाने में राजेश कोरी की पुलिस हिरासत में हुई मौत का मुद्दा उठाया है। अजय राय ने दोनों मामलों में केंद्रीय गृह मंत्रालय से रिपोर्ट तलब करने, संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और पीड़ित परिवारों को उनकी सहमति के अनुरूप उचित मुआवजा दिलाने के लिए निर्देश जारी करने की मांग की है।
अजय राय के पत्र का केंद्र उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर से जुड़े दो गंभीर मामले हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने इन घटनाओं को कानून-व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा से जोड़ते हुए केंद्रीय गृह मंत्री के सामने उठाया है। पत्र में ग्रेटर नोएडा के परी चौक से नोएडा सेक्टर-63 जाने वाली स्लीपर बस में 16 वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला शामिल है। अजय राय के अनुसार, यह घटना 4 अगस्त की रात हुई थी। उन्होंने दावा किया कि बस में यात्रा के दौरान चालक और परिचालक ने छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। दूसरा मामला बदायूं जिले के दातागंज थाने में राजेश कोरी की पुलिस हिरासत में हुई मौत से संबंधित है। कांग्रेस के अनुसार, मृतक के परिजनों ने पुलिस प्रताड़ना और पिटाई के आरोप लगाए हैं। अजय राय ने कहा है कि वह स्वयं पीड़ित परिवार से मिल चुके हैं।
अजय राय ने पत्र में बताया कि मैनपुरी की 16 वर्षीय कक्षा 11 की छात्रा 4 अगस्त की रात ग्रेटर नोएडा के परी चौक से नोएडा सेक्टर-63 जाने के लिए स्लीपर बस में सवार हुई थी। आरोप है कि यात्रा के दौरान बस चालक और परिचालक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पत्र में कहा कि घटना के दौरान बस करीब 47 किलोमीटर तक दिल्ली की सड़कों पर चलती रही। इसी आधार पर उन्होंने सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। अजय राय ने पूछा कि इतनी दूरी तक चलती बस में एक नाबालिग छात्रा के साथ घटना की जानकारी पुलिस और सुरक्षा तंत्र को क्यों नहीं हो सकी। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाया।
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अजय राय ने अपने पत्र में बसों में अनिवार्य सीसीटीवी, जीपीएस और निगरानी व्यवस्था की प्रभावी मौजूदगी सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने इस व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग रखी है। उनका कहना है कि बसों में सुरक्षा से संबंधित तकनीकी व्यवस्थाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए और उनकी प्रभावी मौजूदगी सुनिश्चित की जानी चाहिए। पत्र में इस संबंध में संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग भी की गई है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पत्र में घटना की जानकारी सामने आने में हुई देरी को लेकर भी सवाल उठाया है। उन्होंने पूछा कि घटना की जानकारी 25 दिनों तक किसके आदेश पर छिपाई गई। अजय राय ने आरोपियों की गिरफ्तारी का उल्लेख करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बताई है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच इस तरह होनी चाहिए कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष तरीके से पड़ताल की जा सके। उन्होंने पीड़ित छात्रा की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने की मांग भी की है। इसके साथ ही छात्रा और उसके परिवार को सुरक्षा तथा चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग पत्र में की गई है।
अजय राय ने अमित शाह को लिखे पत्र में बदायूं के दातागंज थाने में राजेश कोरी की पुलिस हिरासत में हुई मौत का मामला भी उठाया है। कांग्रेस के अनुसार, राजेश कोरी के परिजनों ने पुलिस प्रताड़ना और पिटाई के आरोप लगाए हैं। अजय राय ने कहा है कि वह स्वयं पीड़ित परिवार से मिल चुके हैं और इस मामले को केंद्रीय गृह मंत्री के सामने रखा है। पत्र में पुलिस हिरासत में किसी व्यक्ति की मौत के मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। अजय राय ने सरकार से पूरे मामले पर स्पष्टीकरण देने और यदि जांच में कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
अजय राय ने बदायूं मामले को पुलिस व्यवस्था और मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दे के तौर पर पत्र में उठाया है। उनका कहना है कि पुलिस हिरासत में किसी नागरिक की मौत की घटना की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने इस मामले में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग भी उनके पत्र का हिस्सा है। यह मांग ऐसे समय उठाई गई है जब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दोनों घटनाओं को एक साथ केंद्रीय गृह मंत्री के सामने रखा है। पत्र में दोनों मामलों से संबंधित रिपोर्ट केंद्रीय स्तर पर तलब करने का आग्रह किया गया है।
अजय राय ने केंद्रीय गृह मंत्री से दोनों मामलों में पीड़ित परिवारों को तत्काल उचित मुआवजा दिलाने के लिए निर्देश जारी करने की मांग की है। पत्र के अनुसार, मुआवजे का निर्धारण संबंधित पीड़ित परिवारों की सहमति के अनुरूप किए जाने की मांग की गई है। नाबालिग छात्रा के मामले में उन्होंने छात्रा और उसके परिवार की सुरक्षा तथा चिकित्सकीय सहायता पर भी जोर दिया है। वहीं बदायूं के मामले में पीड़ित परिवार की शिकायतों की जांच और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
अजय राय ने अमित शाह से दोनों घटनाओं के संबंध में केंद्रीय स्तर पर रिपोर्ट तलब करने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। पत्र में बसों की निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीसीटीवी और जीपीएस जैसी व्यवस्थाओं की प्रभावी मौजूदगी सुनिश्चित करने की मांग भी शामिल है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने इन दोनों मामलों को कानून-व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा से संबंधित मुद्दों के रूप में केंद्रीय गृह मंत्री के समक्ष रखा है।
