>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीवन पर बनी फिल्म ‘अजेय: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ए योगी’ ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत की। शांतनु गुप्ता की चर्चित किताब ‘द मॉन्क हू बिकेम चीफ मिनिस्टर’ से प्रेरित इस फिल्म का निर्देशन रवींद्र गौतम ने किया है। फिल्म के मुख्य किरदार में अनंत जोशी हैं, जबकि परेश रावल, दिनेश लाल यादव और पवन मल्होत्रा ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं।
>पहले ही दिन ‘अजेय’ को दर्शकों का बेहतरीन रिस्पॉन्स मिला। यूपी समेत देशभर के अधिकांश सिनेमाघरों में पहला शो हाउसफुल रहा। युवाओं की भारी भीड़, सिनेमाघरों के बाहर लगी कतारें और अंदर गूंजते नारे – ‘जय श्रीराम’ और ‘योगी-योगी’ – इस फिल्म की लोकप्रियता का प्रमाण थे। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म ने रिलीज के पहले दिन ही एक करोड़ रुपये से अधिक का कलेक्शन कर लिया है।
>‘अजेय’ सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक प्रेरणादायक गाथा है, जो बताती है कि कैसे अजय सिंह बिष्ट नाम का एक साधारण युवक कठिन परिस्थितियों में पला-बढ़ा और फिर गोरखनाथ मठ में दीक्षा लेकर योगी आदित्यनाथ बन गया।
>5 जून 1972 को उत्तराखंड के पंचूर गांव में जन्मे अजय सिंह बिष्ट ने बचपन से ही अनुशासित जीवन जिया। गढ़वाल विश्वविद्यालय से गणित में स्नातक करते समय उनका झुकाव गोरखनाथ मठ की ओर हुआ और उन्होंने सन्यास ले लिया। संन्यास के बाद वे समाज सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और गौ-संरक्षण जैसे अभियानों से जुड़े और धीरे-धीरे पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक लोकप्रिय चेहरा बन गए।
>फिल्म यह भी दिखाती है कि कैसे योगी आदित्यनाथ ने महज 26 वर्ष की आयु में 1998 में पहली बार गोरखपुर से सांसद बनकर इतिहास रचा। लगातार पांच बार लोकसभा सदस्य रहने के दौरान उन्होंने अपने क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने का काम किया।
>2017 में बीजेपी को ऐतिहासिक बहुमत दिलाने के बाद योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। इसके बाद 2022 में फिर से भारी जीत हासिल कर वे प्रदेश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बने जिन्होंने लगातार दो बार कार्यकाल पूरा करने का रिकॉर्ड बनाया।
>‘अजेय’ केवल व्यक्तिगत संघर्षों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें उनके प्रशासनिक फैसलों और उपलब्धियों को भी दिखाया गया है।
-
कानून-व्यवस्था में सुधार: अपराध और माफिया पर सख्त कार्रवाई, ऑपरेशन क्लीन जैसी पहल।
-
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास: पूर्वांचल व गंगा एक्सप्रेसवे, मेट्रो प्रोजेक्ट्स।
-
धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर: काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, अयोध्या राम मंदिर निर्माण।
-
औद्योगिक निवेश: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, यूपी डिफेंस कॉरिडोर जैसी योजनाएँ।
>
>इन उपलब्धियों ने उत्तर प्रदेश को न सिर्फ देश बल्कि दुनिया में एक नए विकास मॉडल के रूप में स्थापित किया।
>पहले शो से बाहर निकलते ही दर्शकों ने फिल्म को लेकर उत्साह जाहिर किया। कई लोगों का कहना था कि यह फिल्म केवल मनोरंजन नहीं बल्कि जीवन में प्रेरणा देने वाली कहानी है। कुछ दर्शकों ने इसे भव्य और शानदार बताया, तो वहीं कुछ का मानना था कि इसमें राजनीतिक दृष्टिकोण और विपक्षी विचारों को और संतुलित दिखाया जा सकता था।
>धार्मिक नगरी अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज और मथुरा में युवाओं का उत्साह सबसे ज्यादा देखने को मिला। संत समाज ने भी फिल्म को आशीर्वाद देते हुए इसे प्रेरणादायक बताया।