अखिलेश राज में ‘कटियाबाजों’ को मिला संरक्षण: ऊर्जा मंत्री एके शर्मा का सपा पर हमला

10 May 2026

 

उत्तर प्रदेश की राजनीति में ‘कटियाबाज’ पोस्टरों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और तेज हो गया है। प्रदेश भर में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को ‘कटियाबाज’ बताने वाले पोस्टर लगाए जाने के बीच राज्य के ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने सपा सरकार पर बिजली व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में बिजली चोरी को संरक्षण दिया गया और नेताओं, गुंडों तथा माफियाओं को ‘कटिया मारकर बिजली चलाने’ की खुली छूट थी।

 

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अखिलेश सरकार ने प्रदेश के पूरे बिजली ईको सिस्टम को नुकसान पहुंचाने का काम किया। उनके अनुसार, उस दौर में बिजली माफिया व्यवस्था पर हावी हो गए थे और कई जिलों में सुनियोजित ढंग से बिजली चोरी कराई जाती थी। उन्होंने दावा किया कि संभल और मथुरा समेत कई क्षेत्रों में कटियाबाजी को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था।

 

एके शर्मा ने कहा कि सपा सरकार के समय नेताओं और उनके करीबी लोगों द्वारा अवैध रूप से बिजली वितरण किया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय बिजली विभाग पर माफियाओं का प्रभाव था और आम उपभोक्ताओं का शोषण किया जाता था। मंत्री के मुताबिक, वर्तमान योगी सरकार ने बिजली चोरी और बिजली माफियाओं पर कार्रवाई कर व्यवस्था को नियंत्रित करने का प्रयास किया है।

 

ऊर्जा मंत्री ने बिजली ढांचे की स्थिति को लेकर भी सपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि उस समय लगाए गए ट्रांसफॉर्मर, तार और बिजली के खंभे खराब गुणवत्ता के थे, जिनकी वजह से आज भी कई क्षेत्रों में समस्याएं बनी हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार लगातार बिजली ढांचे को मजबूत करने और आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

 

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बिजली व्यवस्था में तकनीकी सुधार किए गए हैं। डिजिटल सिस्टम और तकनीक के उपयोग से मानवीय हस्तक्षेप कम हुआ है, जिससे भ्रष्टाचार पर नियंत्रण लगाने में मदद मिली है।

 

ऊर्जा मंत्री ने बिजली खरीद समझौतों को लेकर भी पूर्ववर्ती सपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार ने अधिक दरों पर बिजली खरीद समझौते किए थे, जिसका आर्थिक बोझ आज भी प्रदेश की जनता उठा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार को उन पुराने समझौतों का प्रभाव झेलना पड़ रहा है और आने वाले वर्षों तक इसका असर बना रहेगा।

 

भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी मंत्री ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सपा शासनकाल में बिना मेरिट और गलत तरीके से भर्तियां की गईं, जिससे विभाग में भ्रष्टाचार बढ़ा। उनके अनुसार, ऐसे कर्मचारियों के कारण उपभोक्ताओं को विभिन्न स्तरों पर परेशानियों और शोषण का सामना करना पड़ा।

 

एके शर्मा ने बिजली विभाग में पीएफ घोटाले का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की भविष्य निधि की राशि को गलत स्थानों पर निवेश किया गया, जिससे हजारों करोड़ रुपये जोखिम में पड़ गए। उन्होंने कहा कि इस कारण बिजली कर्मियों में असुरक्षा और अविश्वास का माहौल बना।

 

ऊर्जा विभाग की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए सरकार ने दावा किया कि प्रदेश में जिला मुख्यालयों को 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों को 22 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों को 20 घंटे बिजली आपूर्ति दी जा रही है। विभाग के अनुसार, वर्ष 2017 से नवंबर 2025 तक 15.87 लाख नए डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर लगाए गए और 765 नए 33/11 केवी सब-स्टेशन स्थापित किए गए।

 

सरकार ने यह भी दावा किया कि प्रदेश में अब तक 165 लाख नए बिजली कनेक्शन दिए जा चुके हैं और 59 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। इसके अलावा 26 हजार किलोमीटर से अधिक पारेषण लाइनों का विस्तार किया गया है। सौभाग्य योजना के तहत 2.86 करोड़ से अधिक परिवारों को बिजली सुविधा उपलब्ध कराए जाने का भी दावा किया गया।