करीब दो वर्ष पहले तक कुकरेल नदी के किनारे स्थित अकबरनगर अपनी घनी आबादी, संकरी गलियों और ध्वस्तीकरण अभियान को लेकर चर्चा में था। अब वही इलाका हरित विकास की नई पहचान बनता दिखाई दे रहा है। जहां कभी हजारों परिवारों की बस्ती थी, वहां अब 62 हजार से अधिक पेड़ों के साथ विकसित 'शक्ति वन' तैयार है, जिसका लोकार्पण 12 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।
इससे पहले इसी क्षेत्र में विकसित 'सौमित्र वन' को पिछले वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस पर जनता को समर्पित किया गया था। अब शक्ति वन के तैयार होने के साथ कुकरेल नदी के किनारे विकसित किए जा रहे ग्रीन कॉरिडोर की एक और महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ने जा रही है।
अकबरनगर कुकरेल नदी के फ्लड प्लेन क्षेत्र में स्थित एक बड़ी आबादी वाला इलाका था। प्रशासन के अनुसार यहां सरकारी भूमि और नदी क्षेत्र पर अतिक्रमण था। कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण ने जून 2024 में बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया।
10 जून 2024 को कार्रवाई शुरू हुई और 18 जून तक अधिकांश निर्माण हटाए जा चुके थे। इसके बाद सरकार और लखनऊ विकास प्राधिकरण ने इस पूरे क्षेत्र को हरित पट्टी के रूप में विकसित करने की योजना पर काम शुरू किया।
ध्वस्तीकरण के बाद सबसे पहले भगवान लक्ष्मण को समर्पित 'सौमित्र वन' विकसित किया गया। 18 जून 2024 को ध्वस्तीकरण पूरा होने के बाद महज 352 दिनों में इसका निर्माण पूरा हुआ और 5 जून 2025 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर इसका लोकार्पण किया गया। इसके बाद ग्रीन कॉरिडोर के अगले चरण के तहत शक्ति वन विकसित करने की योजना पर काम शुरू किया गया।
24 जुलाई 2025 को लखनऊ विकास प्राधिकरण की समीक्षा बैठक में शक्ति वन परियोजना को मंजूरी दी गई। इसके बाद भूमि विकास, पौधरोपण, लैंडस्केपिंग, पथ निर्माण और अन्य सुविधाओं का विकास चरणबद्ध तरीके से किया गया।
13 मार्च 2026 को ग्रीन कॉरिडोर फेज-2 के उद्घाटन के दौरान इस परियोजना की प्रगति प्रस्तुत की गई। अब 12 जुलाई 2026 को इसके लोकार्पण का कार्यक्रम निर्धारित है। योजना को स्वीकृति मिलने से लेकर उद्घाटन तक शक्ति वन लगभग 353 दिनों में तैयार हुआ।
उद्यान अधिकारी शशिकांत के अनुसार शक्ति वन में लगभग 62,343 पेड़ और पौधे लगाए गए हैं। इनमें छायादार, फलदार, औषधीय तथा पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण कई प्रजातियां शामिल हैं।
वन में सीताशोक, बेल, अमरूद सहित अनेक उपयोगी पौधों का रोपण किया गया है। इसे केवल हरित क्षेत्र के रूप में नहीं बल्कि पर्यावरण शिक्षा और जन-जागरूकता के केंद्र के रूप में भी विकसित किया गया है।
शक्ति वन को सार्वजनिक उपयोग को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। यहां बच्चों के लिए झूले, खुले में व्यायाम के लिए ओपन जिम, पैदल भ्रमण के लिए विकसित पथ तथा हरित परिसर तैयार किया गया है। प्रशासन के अनुसार इसका उद्देश्य लोगों को प्रकृति के करीब लाने के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है।
लोकार्पण समारोह में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के अलावा विभिन्न विभागों के मंत्री, जिला प्रशासन, वन विभाग, उद्यान विभाग और अन्य विभागों के अधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम में स्कूलों के विद्यार्थियों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है ताकि वे जैव विविधता, पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को करीब से समझ सकें।