>उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एक बार फिर विपक्षी निशाने पर है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शराब के ठेकों की बढ़ती संख्या को लेकर सरकार पर करारा हमला बोला है। उन्होंने एक चौंकाने वाला ग्राफ़ साझा करते हुए दावा किया कि शराब के ठेकों के मामले में उत्तर प्रदेश अब न्यूयॉर्क और कैलिफोर्निया जैसे अंतरराष्ट्रीय शहरों से भी आगे निकल चुका है।
>अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि, “यूपी में स्कूल बंद किए जा रहे हैं और शराब के ठेके खोले जा रहे हैं। क्या यही है भाजपा सरकार की मुख्य प्राथमिकता?” उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि “नशा परिवार तोड़ता है, ये बात वही समझ सकते हैं जो परिवार से आते हैं।” इसके साथ ही उन्होंने योगी सरकार को “अनुपयोगी सरकार” करार दिया।
इसकी गहरी जाँच-पड़ताल हो कि ‘नशा’ उप्र भाजपा सरकार की ‘मुख्य प्राथमिकता’ क्यों है?
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 7, 2025
शराब हो या नशे का कोई और रूप, इस भाजपा सरकार में आख़िरकार वो तीव्र गति से क्यों फलफूल रहा है?
नशा परिवार तोड़ता है लेकिन ये बात परिवारवाले ही समझ सकते हैं। pic.twitter.com/pZIyUA0m8G
>सपा अध्यक्ष ने जिस ग्राफ़ का हवाला दिया उसमें यूपी को शराब बिक्री और ठेकों की संख्या में अमेरिका के प्रमुख राज्यों से आगे बताया गया है। इस तुलना को लेकर सियासी गलियारों में हलचल है। विपक्ष ने इसे “भारतीय संस्कृति के विरुद्ध और सामाजिक तानेबाने को तोड़ने वाला कदम” बताया।
>अखिलेश यादव ने यूपी सरकार द्वारा कम छात्रसंख्या वाले स्कूलों के मर्जर पर भी कड़ा विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि “जहां स्कूलों को बंद किया जा रहा है, वहीं नशे को बढ़ावा देने वाली दुकानों को बेतहाशा खोला जा रहा है।”
>समाजवादी पार्टी ने इस फैसले के खिलाफ पीडीए पाठशाला नाम से अभियान शुरू कर रखा है, जिसके तहत बंद किए गए स्कूलों के बाहर शिक्षा देने की सांकेतिक पहल की जा रही है।