आपके ऊपर ऐसी 100 नौकरियां कुर्बान..., अखिलेश यादव को पूड़ी खिलाने वाली अंजलि का बड़ा बयान

07 May 2026

सपा प्रमुख अखिलेश यादव (फाइल फोटो)

 

उत्तर प्रदेश की राजनीति में आंबेडकर जयंती के दिन का एक वीडियो अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को पूड़ी खिलाने वाली अंजलि मैसी और उनके परिवार से जुड़ा मामला तूल पकड़ चुका है। अंजलि के पिता को सुपरवाइजर पद से वापस डिमोट किए जाने के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने नाराजगी जताते हुए भारतीय जनता पार्टी पर राजनीतिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है।

 

लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि यह बेहद अफसोस की बात है कि किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने पर इस तरह की कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि उनका अंजलि या उनके परिवार से पहले कोई विशेष परिचय नहीं था और यह पूरा घटनाक्रम राजनीतिक दबाव का हिस्सा प्रतीत होता है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि “ये सब बीजेपी के लोग करवा रहे हैं।”

 

सपा प्रमुख ने 14 अप्रैल के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए बताया कि वह उस दिन गुरुद्वारे में मत्था टेकने गए थे। वहीं उनकी मुलाकात अंजलि से हुई, जिन्होंने उन्हें भंडारे में भोजन करने का आग्रह किया। अखिलेश यादव ने कहा कि वह सामान्य सामाजिक व्यवहार के तहत वहां गए और भोजन किया। उन्होंने कहा कि अब जिस तरह अंजलि के परिवार को लेकर बातें हो रही हैं, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह अधिकारियों से बात करेंगे और हर संभव मदद का प्रयास करेंगे।

 

इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंजलि मैसी ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनके लिए नौकरी से बड़ा मुद्दा भाजपा सरकार की कथित “धांधागर्दी” को सामने लाना है। अंजलि ने कहा, “मैं सिर्फ बीजेपी की धांधागर्दी दिखाना चाहती हूं और कुछ नहीं। आपके ऊपर ऐसी 100 नौकरियां कुर्बान। मेरे पिताजी ने भी यही संदेश आपको देने के लिए कहा है।” अंजलि के इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।

 

दरअसल, 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती के अवसर पर अखिलेश यादव लखनऊ में आयोजित एक भंडारे में पहुंचे थे, जहां उन्होंने भोजन किया था। इस दौरान अंजलि द्वारा उन्हें पूड़ी परोसने और खिलाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। बाद में अंजलि के पिता के पद से जुड़े प्रशासनिक फैसले को लेकर विवाद शुरू हो गया। इस घटनाक्रम के बाद सपा ने इसे राजनीतिक प्रताड़ना का मामला बताया है।

 

अखिलेश यादव ने इस पूरे विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि पीडीए समाज की एक महिला के पिता को सिर्फ इसलिए प्रताड़ित किया जा रहा है क्योंकि उन्होंने बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर की जयंती पर उनके यहां पूड़ी खाई थी। उन्होंने भाजपा सरकार पर पीडीए विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे पहले भी चाय पीने के एक मामले में एक युवा को प्रताड़ित किया गया था।

 

 

सपा प्रमुख ने अपने बयान में भाजपा की राजनीति की तुलना अंग्रेजों के दौर से करते हुए कहा कि इतनी “निकृष्ट राजनीति” अंग्रेजों ने भी नहीं की थी। हालांकि भाजपा की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।