'क्या फिर से चले गए वनवास?'... अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले पर अखिलेश यादव का भाजपा पर तंज, पेपर लीक पर भी खोला मोर्चा

05 Jul 2026

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर में सामने आए कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने शनिवार को एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, "क्या फिर से चले गए वनवास"। इसके साथ ही उन्होंने एक अन्य पोस्ट में मामले को लेकर भाजपा पर सवाल उठाए और चंदा व दान देने वाले श्रद्धालुओं की ओर से जवाबदेही की मांग का उल्लेख किया।

अखिलेश यादव द्वारा साझा किए गए लगभग चार मिनट 39 सेकंड के वीडियो में गीत के माध्यम से अयोध्या और भगवान श्रीराम का संदर्भ दिया गया है। वीडियो के बोल हैं, "क्यों तेरी नगरी है उदास, क्या फिर से चले गए वनवास। यही है प्रार्थना, फिर वापस आओ दशरथ के लाल।"

एक अन्य पोस्ट में सपा प्रमुख ने लिखा कि "आखिरकार सुरंगजीवियों को बाहर आना ही पड़ा, क्योंकि अब अपयश का पानी सुरंग में गले तक भर गया है।" उन्होंने आगे कहा कि चंदा और दान देने वाले सनातनी इस मामले पर जवाब चाहते हैं और यह जानना चाहते हैं कि गंभीर आरोपों के बीच जिम्मेदार लोग सार्वजनिक रूप से सामने क्यों नहीं आए।

अपने पोस्ट में उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले में वास्तविक जिम्मेदार लोगों से जवाबदेही तय होनी चाहिए। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस समाचार के लिखे जाने तक सामने नहीं आई थी।

पार्टी मुख्यालय में मुंबई में रहने वाले प्रवासी उत्तर प्रदेशवासियों से मुलाकात के दौरान भी अखिलेश यादव ने अयोध्या चढ़ावा प्रकरण का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म के नाम पर लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

इसी कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल की मौजूदगी में राष्ट्रीय क्रांति पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष लेखराज लोधी ने अपने समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

अयोध्या प्रकरण के साथ-साथ समाजवादी पार्टी ने भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। पार्टी ने अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर 'पीडीए ऑडिट-3' जारी किया, जिसमें भाजपा सरकार पर भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

पार्टी का दावा है कि विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को नुकसान उठाना पड़ा। ऑडिट में करीब 20 परीक्षाओं का उल्लेख करते हुए भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए गए हैं।

समाजवादी पार्टी ने अपने दस्तावेज में छात्रों के लिए सात प्रमुख वादों की भी घोषणा की है। इनमें सबसे प्रमुख वादा उन अभ्यर्थियों को न्यूनतम तीन वर्ष की अतिरिक्त आयु सीमा में छूट देने का है, जिनकी आयु पेपर लीक या परीक्षा रद्द होने के कारण भर्ती प्रक्रिया के दौरान निर्धारित सीमा से बाहर हो गई।

इसके अलावा पार्टी ने समयबद्ध भर्ती कैलेंडर लागू करने, अभ्यर्थियों के निकट परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराने, सुरक्षित परीक्षा प्रणाली विकसित करने, पेपर लीक के दोषियों पर सीधे कार्रवाई, समयबद्ध जांच, फास्ट ट्रैक अदालतों में सुनवाई तथा परीक्षा रद्द होने की स्थिति में निशुल्क पुनर्परीक्षा और यात्रा सहायता उपलब्ध कराने का भी वादा किया है।