अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला, महंगाई-बेरोजगारी और जलभराव पर उठाए सवाल

08 Sep 2026

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को लखनऊ में प्रेसवार्ता की। इस दौरान उन्होंने नई पीढ़ी और नई यूनिफॉर्म से लेकर PDA, सामाजिक सौहार्द, संविधान, नीले रंग की राजनीतिक-सामाजिक पहचान, सोशल मीडिया अभियानों, महंगाई, बेरोजगारी और जलभराव जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी।

प्रेसवार्ता में अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार के पास महंगाई रोकने और युवाओं को रोजगार देने की कोई व्यवस्था नहीं है। जलभराव के मुद्दे पर भी उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने कहा, “सरकार के पास महंगाई रोकने की और नौकरी देने की कोई व्यवस्था नहीं है। जहां-जहां बीजेपी है, वहां-वहां पानी भर रहा है।”

अखिलेश यादव ने नई यूनिफॉर्म को नई पीढ़ी की सोच से जोड़ते हुए कहा कि नई पीढ़ी की अपनी नई सोच होती है और इसी सोच के अनुरूप नई यूनिफॉर्म है। उन्होंने यूनिफॉर्म को समाज में एकरूपता और समानता की भावना से जोड़ते हुए कहा, “नई पीढ़ी की नई सोच होती है, इसलिए नई यूनिफॉर्म है। यूनिफॉर्म यूनीफॉर्मिटी लाती है।” उनके मुताबिक यूनिफॉर्म का उद्देश्य एकरूपता की भावना को बढ़ावा देना है। प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने इस मुद्दे को व्यापक सामाजिक संदर्भ से जोड़कर अपनी बात रखी।

प्रेसवार्ता में PDA भी प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा। अखिलेश यादव ने कहा कि PDA को केवल राजनीतिक समीकरण या नारे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने PDA को प्रोग्रेसिव और अफर्मेटिव एक्शन के संदर्भ में बताते हुए कहा कि यह समाज के पीड़ित, दुखी और अपमानित लोगों को जोड़ने की सोच से भी जुड़ा है। अखिलेश यादव ने कहा कि समाज के उन वर्गों को साथ लाना जरूरी है, जो लंबे समय से उपेक्षा, अभाव और भेदभाव का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सामाजिक सौहार्द को देश और समाज के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि सभी वर्गों के बीच सहयोग और सौहार्द जरूरी है। उन्होंने कहा, “समाज में जितना सौहार्द होगा, उतना ही हमारा भविष्य बेहतर होगा। हमारा लोकतंत्र और बाबा साहब का संविधान भी हमें यही रास्ता दिखाता है।”

अखिलेश यादव ने नीले रंग को लेकर चल रही राजनीतिक और सामाजिक बहस पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि नीला रंग बहुजन समाज और एक विचारधारा से लंबे समय से जुड़ा रहा है। उन्होंने नीले रंग को विचार और आधुनिक सोच की पहचान से भी जोड़ा। उनका कहना था कि किसी रंग को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करने के बजाय उसके सामाजिक और वैचारिक संदर्भ को समझना चाहिए। इस दौरान उन्होंने रंगों को लेकर होने वाली राजनीतिक बहस के बजाय उनके व्यापक सामाजिक और वैचारिक संदर्भ पर ध्यान देने की बात कही।

प्रेसवार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा और उसके समर्थकों पर धार्मिक प्रतीकों के राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने लोगों से धार्मिक पहचान का सहारा लेकर गलत काम करने वाले लोगों से सावधान रहने की बात कही। उन्होंने कहा, “उनको भगवाना से डरना चाहिए। जो चंदा और चढ़ावा चोरी कर रहा होगा, वही सबसे बड़ा बहरूपिया होगा।” यह बयान उन्होंने धार्मिक पहचान और चंदे-चढ़ावे से जुड़े कथित गलत इस्तेमाल के संदर्भ में दिया।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर चल रहे नकारात्मक अभियानों को लेकर भी भाजपा पर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर कई नकारात्मक अभियान भाजपा और उससे जुड़े लोगों की ओर से चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल नकारात्मक माहौल बनाने के लिए किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने जनता से ऐसे अभियानों को लेकर सावधान रहने की बात कही। प्रेसवार्ता में इस मुद्दे को राजनीतिक संवाद और सोशल मीडिया के इस्तेमाल से जोड़कर उठाया गया।

अखिलेश यादव ने भगवान श्रीकृष्ण और जन्माष्टमी का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की जन्माष्टमी केवल किसी एक क्षेत्र या वर्ग तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि यह पर्व पूरी दुनिया में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। उनके अनुसार भारतीय संस्कृति और परंपराओं को संकीर्ण राजनीतिक नजरिए से देखने के बजाय उनके व्यापक सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व को समझने की जरूरत है।

प्रेसवार्ता के दौरान महंगाई और रोजगार के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि आम जनता महंगाई से परेशान है और युवा रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

अखिलेश यादव ने दावा किया कि इन मुद्दों के समाधान के बजाय जनता को दूसरे विषयों में उलझाने का प्रयास किया जा रहा है। ये दावे उनके राजनीतिक बयान के तौर पर सामने आए। अखिलेश यादव ने जलभराव की समस्या का जिक्र करते हुए भी भाजपा सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जहां भाजपा की सरकार है, वहां जलभराव की समस्या दिखाई दे रही है। उन्होंने इसी संदर्भ में कहा, “जहां-जहां बीजेपी है, वहां-वहां पानी भर रहा है।” जलभराव का मुद्दा उन्होंने महंगाई और रोजगार से जुड़े अपने आरोपों के साथ प्रेसवार्ता में उठाया।