सपा प्रमुख अखिलेश यादव (फाइल फोटो)
अखिलेश यादव ने मंगलवार को भाजपा सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में बेटियों के साथ अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं और पीड़ितों को न्याय नहीं मिल रहा है।
सपा प्रमुख ने गाजीपुर, हरदोई, प्रतापगढ़ और फतेहपुर में हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मामलों में पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिला। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार में कानून-व्यवस्था कमजोर हुई है और अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल गाजीपुर में पीड़ित परिवार से मिला और आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने कहा कि विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को झूठे मुकदमों में फंसाकर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने “सजातीय” आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है, जबकि विपक्ष को दबाने की कोशिश हो रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार का अपराध पर ‘जीरो टॉलरेंस’ का दावा वास्तविकता से दूर है। उनके अनुसार, पीड़ितों पर दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें अपमानित किया जाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धार्मिक नेताओं के साथ भी अनुचित व्यवहार किया गया और इसे सनातन परंपरा के खिलाफ बताया।
सपा प्रमुख ने पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों की तैनाती का उपयोग मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा “रामपुर मॉडल” के जरिए चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है।
अखिलेश यादव के इन आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया आना बाकी है।