समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि जनता अब पार्टी के चाल और चरित्र को समझ चुकी है। उन्होंने महिला आरक्षण, कानून-व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया सहित कई मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरा। हरदोई के एक दिवसीय दौरे से लौटते समय मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि महिला आरक्षण बिल 2023 संसद में पास होकर कानून बन चुका है और सभी दलों ने इसका समर्थन किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद भाजपा इस मुद्दे पर झूठा प्रचार कर रही है और लागू करने को लेकर स्पष्ट कदम नहीं उठा रही है।
उन्होंने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि भाजपा सरकार के आने के बाद महिलाओं और बेटियों के साथ घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संख्या अधिक है और पुलिस राजनीतिक प्रभाव में काम कर रही है, जिससे पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। अखिलेश यादव ने हरदोई, गाजीपुर और प्रतापगढ़ की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कई मामलों में पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिला। उन्होंने कहा कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
भाजपा पदाधिकारियों के आचरण पर भी उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि कई घटनाओं में पार्टी से जुड़े लोगों के व्यवहार पर जनता नजर रख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का रवैया महिलाओं के प्रति अनुकूल नहीं रहा है। विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि अयोध्या में भाजपा की हार उसके राजनीतिक दृष्टिकोण की असफलता को दर्शाती है। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी चुनावों में भाजपा को अन्य राज्यों में भी हार का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों के उपयोग को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी उन्होंने कुछ उपचुनावों का उल्लेख करते हुए निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश की बड़ी आबादी बदलाव चाहती है और समाजवादी पार्टी विकास, सौहार्द और भाईचारे के एजेंडे पर काम कर रही है। उन्होंने अपने कार्यकाल में बने एक्सप्रेस-वे का उदाहरण देते हुए विकास मॉडल की तुलना भी की।