>समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा H-1B वीजा नियमों में किए गए बदलाव को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में वीजा आवेदन शुल्क को बढ़ाकर एक लाख डॉलर कर दिया है। इस फैसले को अखिलेश यादव ने भारत की कमजोर विदेश नीति का नतीजा बताया।
>अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “अमेरिका पहली बार भारत के साथ ऐसा नहीं कर रहा है। सवाल यह है कि हमारी तैयारी क्या है? कल अगर दूसरे देश भी ऐसे कदम उठाएं तो हम किस तरह से मुकाबला करेंगे? भारत को आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर कहीं अधिक मजबूत दिखना चाहिए था, लेकिन ऐसा हो नहीं रहा।” सपा प्रमुख ने आगे कहा कि भारत लगातार दूसरे देशों पर निर्भर होता जा रहा है। खाद से लेकर व्यापार तक, जिन देशों से सीमा विवाद है, उन्हीं पर हमारी निर्भरता बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति भारत की आर्थिक और रणनीतिक कमजोरी को उजागर करती है।
>अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि गौशालाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है। “बीजेपी वाले दूध और गोबर बेच देते हैं, चारे में गड़बड़ी करते हैं और मृत गायों को जेसीबी मशीन से दफना दिया जाता है।” नदी सफाई अभियान को लेकर भी अखिलेश ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि “बजट तो साफ हो गया, लेकिन नदियां अब भी गंदी हैं। आदिवासी भाइयों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है और छुट्टा जानवरों की समस्या जस की तस बनी हुई है।”