‘अस्पतालों को भी इलाज की जरूरत’, अखिलेश यादव ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल

10 Sep 2026

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था, बेरोजगारी, महंगाई, बाढ़, जलभराव और नागरिक सुविधाओं को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने विकास, निवेश और जीडीपी के आंकड़ों के साथ आम लोगों की बुनियादी जरूरतों पर भी ध्यान देने की बात कही।

अखिलेश यादव ने गरीब व्यक्ति के इलाज से जुड़े एक मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सामने उपचार जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करना भी चुनौती बन रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, मरीजों की देखभाल और आधुनिक जांच सुविधाओं की जरूरत पर जोर दिया।

अखिलेश यादव ने कहा कि केवल बड़े अस्पतालों और भवनों का निर्माण कर देने से स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर नहीं होती। उनके मुताबिक मरीजों को उपचार के लिए अच्छे डॉक्टरों, पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ, बेहतर देखभाल और समय पर जांच की सुविधा मिलना जरूरी है।

उन्होंने चिकित्सा सुविधाओं में जांच व्यवस्था की भूमिका का भी उल्लेख किया। अखिलेश यादव ने कहा, “डायग्नोस्टिक सुविधा के बिना इलाज की व्यवस्था अधूरी है। हालत यह है कि इनके अस्पतालों को भी इलाज की जरूरत है।”

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उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार से गंभीरता से विचार करने की बात कही और कहा कि अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को समय पर जरूरी चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए।

सपा अध्यक्ष ने एक गरीब व्यक्ति और उसकी पत्नी से जुड़े मामले का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संबंधित व्यक्ति अपनी पत्नी के इलाज को लेकर परेशान था और उसके पास पर्याप्त पैसे नहीं थे। उनके अनुसार, इस स्थिति में एक पुलिस कांस्टेबल ने मदद की और व्यक्ति को उसके घर तक पहुंचाया।

अखिलेश यादव ने इस मामले का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि जब किसी गरीब परिवार के सामने इलाज और अंतिम संस्कार जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने का संकट हो, तब विकास और जीडीपी के आंकड़ों का आम व्यक्ति के जीवन पर क्या असर है। उपलब्ध जानकारी में इस मामले से जुड़े व्यक्ति या घटना की स्वतंत्र पुष्टि का विवरण नहीं दिया गया है।

अखिलेश यादव ने देवरिया से जुड़े एक मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के साथ अन्याय होने की शिकायतें सामने आ रही हैं और आरोप लगाया कि राजनीतिक आधार पर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कानून और प्रशासन का इस्तेमाल किसी राजनीतिक दल या विचारधारा के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति के साथ अन्याय हुआ है तो मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

सपा अध्यक्ष ने प्रदेश में राजनीतिक विरोधियों और अलग विचार रखने वाले लोगों को कथित तौर पर परेशान किए जाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में कानून सभी के लिए समान होना चाहिए।

अखिलेश यादव ने राजनीति में वीडियो और कैमरों के इस्तेमाल को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में प्रचार और नकारात्मक अभियान बढ़े हैं।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से जनता तक वास्तविक मुद्दों को पहुंचाने की बात कही। उनके मुताबिक केवल वीडियो और प्रचार के जरिए जनता की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाने के बजाय राजनीतिक छवि खराब करने के लिए नकारात्मक प्रचार किया जा रहा है।

अखिलेश यादव ने पूर्ववर्ती समाजवादी सरकार के दौरान विकसित की गई सार्वजनिक सुविधाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय बनाए गए कई साइकिल ट्रैक और अन्य सार्वजनिक ढांचे का मौजूदा सरकार के कार्यकाल में उचित रखरखाव नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि साइकिल ट्रैक का इस्तेमाल केवल साइकिल चलाने वाले लोग नहीं करते थे, बल्कि मजदूर, गरीब, बच्चे और बुजुर्ग भी इन रास्तों से आवागमन करते थे।

अखिलेश यादव ने ऐसी सार्वजनिक सुविधाओं की कथित उपेक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि विकास कार्यों को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि इनका इस्तेमाल आम लोग करते हैं।

अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार के विकास के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार निवेश, जीडीपी और विकास के आंकड़े पेश करती है, लेकिन जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दे अब भी मौजूद हैं। उन्होंने गरीबों के लिए बेहतर इलाज, युवाओं के लिए रोजगार, किसानों के लिए राहत और शहरों में सड़क, सीवर तथा जलनिकासी की बेहतर व्यवस्था को जरूरी बताया।

उनका कहना था कि यदि विकास के दावे किए जा रहे हैं तो बारिश के दौरान शहरों में जलभराव और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की समस्याओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

सपा अध्यक्ष ने प्रदेश में बाढ़ नियंत्रण की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार लंबे समय से बाढ़ नियंत्रण के दावे करती रही है, लेकिन कई इलाकों में लोगों को अब भी बाढ़ की समस्या का सामना करना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ नियंत्रण योजनाओं के लिए बजट उपलब्ध होने के बावजूद उसका अपेक्षित असर जमीन पर दिखाई नहीं देता।

अखिलेश यादव ने नालों की सफाई, जलनिकासी और बाढ़ नियंत्रण के लिए स्थायी व्यवस्था की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी समाधान और किसानों को राहत देने को प्राथमिकता दी जाएगी।

उत्तर प्रदेश के शहरों में सीवर और जलनिकासी की स्थिति को लेकर भी अखिलेश यादव ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई जगह थोड़ी बारिश के बाद सड़क और मोहल्ले जलभराव से प्रभावित हो जाते हैं। उन्होंने शहरों के विकास के लिए मजबूत सीवर लाइन, नियमित नालों की सफाई और वैज्ञानिक जलनिकासी व्यवस्था की जरूरत बताई।

अखिलेश यादव के मुताबिक, शहरी विकास केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि बुनियादी ढांचे के प्रभावी संचालन और रखरखाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

अखिलेश यादव ने बेरोजगारी और महंगाई को भी जनता से जुड़े प्रमुख मुद्दों में शामिल किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा रोजगार की तलाश में परेशान है और महंगाई से आम परिवारों के बजट पर असर पड़ा है। उन्होंने सरकार से युवाओं, छात्रों, किसानों और गरीब परिवारों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की बात कही।

सपा अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि विभिन्न वर्गों में सरकार को लेकर नाराजगी है। हालांकि उपलब्ध जानकारी में इस दावे के समर्थन में कोई स्वतंत्र सर्वेक्षण या आंकड़ा उपलब्ध नहीं कराया गया है।

अखिलेश यादव ने पत्रकारों और आम नागरिकों के सवाल पूछने के अधिकार का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की आलोचना करने वालों को दबाने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की कोशिश की जाती है।

उन्होंने कहा कि मीडिया की भूमिका सरकार से सवाल पूछने और जनता की समस्याओं को सामने रखने की है। उनके मुताबिक ईमानदारी से खबर दिखाने वाले पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। यह बयान उन्होंने लोकतंत्र में सवाल पूछने और सरकार की जवाबदेही से जुड़े संदर्भ में दिया।

अखिलेश यादव ने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गरीब व्यक्ति को इलाज के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए अस्पतालों में बेहतर व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने अस्पतालों में अच्छे डॉक्टरों के साथ पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ, आधुनिक जांच सुविधाओं और मरीजों की बेहतर देखभाल को जरूरी बताया।

उनके मुताबिक आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को इलाज के दौरान आर्थिक संकट का सामना नहीं करना चाहिए और अस्पताल पहुंचने वाले जरूरतमंद लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए।

अखिलेश यादव के बयान में स्वास्थ्य, रोजगार, महंगाई, किसान, बाढ़ और नागरिक सुविधाओं जैसे मुद्दे प्रमुखता से सामने आए। उन्होंने विकास और निवेश के आंकड़ों के साथ इन बुनियादी मुद्दों को भी राजनीतिक चर्चा के केंद्र में रखने की बात कही।

उन्होंने कहा कि सरकार की परीक्षा इस आधार पर भी होनी चाहिए कि गरीब को इलाज मिला या नहीं, युवा को रोजगार मिला या नहीं और लोगों को सड़क, सीवर तथा जलनिकासी जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलीं या नहीं।