उत्तर प्रदेश के अमेठी और लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ लगाए गए विवादित पोस्टरों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस मामले में सपा नेताओं ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है, वहीं पुलिस ने भी जांच कर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के संकेत दिए हैं।
अमेठी में सपा के जिलाध्यक्ष राम उदित यादव के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेंद्र कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि जिले में लगाए गए पोस्टर पार्टी की छवि खराब करने और राजनीतिक वातावरण बिगाड़ने की साजिश का हिस्सा हैं।
पोस्टरों को लेकर सपा का विरोध: सपा नेताओं ने मांग की है कि पोस्टर लगाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए। जिलाध्यक्ष राम उदित यादव ने संवाददाताओं से कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक द्वेष के चलते इस प्रकार की गतिविधियां की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि पार्टी ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन करेगी।
पुलिस ने दिया जांच का आश्वासन : सपा नेताओं के अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों ने कहा है कि पोस्टर लगाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पोस्टरों में क्या था विवाद: मंगलवार, 7 अप्रैल को अमेठी के विभिन्न चौराहों और रेलवे स्टेशन परिसर में लगाए गए पोस्टरों में अखिलेश यादव की तस्वीर एक फिल्मी किरदार के अंदाज में दिखाई गई थी। इन पोस्टरों पर “यूथ अगेंस्ट माफिया” नामक संगठन का नाम दर्ज था।
पोस्टर में लिखा था, “आपको क्या चाहिए? अखिलेश का ल्यारी राज या धुरंधर सीएम।” यहां ‘ल्यारी’ शब्द का संदर्भ पाकिस्तान के कराची शहर के एक ऐसे इलाके से जोड़ा गया है, जो कभी गैंगवार और हिंसा के लिए चर्चित रहा है।
पोस्टरों में एक ओर अखिलेश यादव के कार्यकाल के दौरान कथित घटनाओं का उल्लेख किया गया, जबकि दूसरी ओर वर्तमान सरकार में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को दर्शाया गया।
लखनऊ में भी दिखे पोस्टर: इसी तरह के पोस्टर राज्य की राजधानी लखनऊ में भी लगाए जाने की जानकारी सामने आई है, जिससे विवाद और बढ़ गया है। पुलिस द्वारा मामले की जांच जारी है और संबंधित व्यक्तियों की पहचान करने की प्रक्रिया चल रही है।