यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस में घमासान: अलीगढ़ में राजा भैया और विवेक बंसल आमने-सामने

28 Apr 2026

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच अलीगढ़ में कांग्रेस के भीतर आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के युवा नेता और पूर्व प्रदेश सचिव राजा भैया ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक विवेक बंसल पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर संगठन दो धड़ों में बंटता नजर आ रहा है।

 

अलीगढ़ में कांग्रेस के भीतर यह विवाद उस समय सामने आया जब एनसीईआरटी किताबों को लेकर चल रहे अभिभावक विरोध के बीच राजा भैया ने इन किताबों को जिले में लागू करने की मांग का समर्थन किया। इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर मतभेद उभरे, जिसके बाद राजा भैया को कथित तौर पर पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।

 

राजा भैया का आरोप है कि पूर्व विधायक विवेक बंसल ने उनकी बात न मानने पर उन्हें प्रदेश सचिव पद से हटवाया। उन्होंने कहा कि यह कदम संगठनात्मक असहमति को दबाने के उद्देश्य से उठाया गया। राजा भैया ने विवेक बंसल पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके नेतृत्व के कारण अलीगढ़ में कांग्रेस संगठन मजबूत नहीं हो पाया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के भीतर अलग-अलग “सिंडिकेट” चलाए जा रहे हैं, जिससे जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा है। राजा भैया ने कहा: अलीगढ़ में कांग्रेस आगे नहीं बढ़ पाई है, इसके लिए विवेक बंसल जिम्मेदार हैं। जब मैंने इसके खिलाफ आवाज उठाई तो मुझे पद से हटा दिया गया। जल्द ही उनके कार्यों का पूरा विवरण आलाकमान के सामने रखा जाएगा।

 

राजा भैया ने यह भी आरोप लगाया कि लंबे समय से विवेक बंसल पर विभिन्न प्रकार के आरोप लगते रहे हैं और उनके कारण ही अलीगढ़ में कांग्रेस की स्थिति कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि पार्टी में गुटबाजी का मुख्य कारण भी यही नेतृत्व है। वहीं, जानकारी के अनुसार विवेक बंसल को पहले हरियाणा प्रभारी पद से भी हटाया जा चुका है, जबकि अब अलीगढ़ में भी उनके खिलाफ आरोपों की चर्चा तेज हो गई है। इस पूरे विवाद पर कांग्रेस युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि राजा भैया को वर्ष 2025 में ही पार्टी से निष्कासित किया जा चुका था। उन्होंने इसे अनुशासनात्मक कार्रवाई बताते हुए कहा कि संगठन अपने नियमों के अनुसार कार्य कर रहा है।