उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को लेकर चल रहे अभियान के तहत अलीगढ़ में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच में 6 प्रमुख घी ब्रांड असुरक्षित पाए गए हैं, जिनके निर्माण, भंडारण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। विभाग के अनुसार, विभिन्न जनपदों से लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर इन ब्रांडों के सैंपल लिए गए थे। प्रयोगशाला जांच में पाया गया कि कुछ उत्पाद निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतर रहे थे। जांच रिपोर्ट में कुछ नमूनों में मिलावट की आशंका जताई गई, जबकि कुछ में वसा की मात्रा और शुद्धता मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे उत्पाद उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।
एसीएफ फूड डॉ. दीनानाथ यादव के अनुसार, जिन ब्रांडों को असुरक्षित घोषित किया गया है, उनमें:
- व्रजवासी
- वेरोना प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (राजकोट, गुजरात)
- रत्नागिरी चालीसा फूड्स (सूरत, गुजरात)
- हरियाणा फ्रेश (घीराधार मिल्क फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, पानीपत)
- डेयरी नाइस (डीसीएम फूड एंड मिल्क प्रोडक्ट्स, नरेला, दिल्ली)
- श्री रुद्रा देवांश प्रोडक्ट्स (हिसार, हरियाणा)
- अविक शिवा मिल्क फूड्स (गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश)
कार्रवाई के बाद अलीगढ़ और आसपास के जिलों के बाजारों में हलचल देखी गई। दुकानदारों ने तत्काल इन ब्रांडों के उत्पादों को अपने स्टॉक से हटाना शुरू कर दिया। विभागीय टीमों ने कई दुकानों पर निरीक्षण कर चेतावनी जारी की है कि प्रतिबंधित घी का भंडारण या बिक्री पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, कार्रवाई की जानकारी मिलते ही संबंधित कंपनियों से संपर्क कर उत्पाद वापस करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डॉ. दीनानाथ यादव ने स्पष्ट किया कि यह केवल चेतावनी नहीं, बल्कि सख्त आदेश है। उन्होंने कहा कि उल्लंघन की स्थिति में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत भारी जुर्माना, लाइसेंस निरस्तीकरण और जेल की सजा तक का प्रावधान है।