>कोडीन युक्त कफ सिरप सिंडिकेट मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कथित सरगना शुभम जायसवाल समेत सभी आरोपियों की याचिका खारिज कर दी है। इस फैसले के साथ ही आरोपियों को मिली अंतरिम राहत समाप्त हो गई है और अब पुलिस गिरफ्तारी की कार्रवाई कर सकती है।
>इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई लगातार तीन दिनों तक चली। याचिकाकर्ताओं की ओर से एफआईआर को रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की गई थी। वहीं, राज्य सरकार की ओर से मामले की गंभीरता और जांच की आवश्यकता को लेकर दलीलें पेश की गईं। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने लंच से पहले अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
>बुधवार को कोर्ट ने निर्णय सुनाते हुए सभी याचिकाएं खारिज कर दीं। याचिका खारिज होने के साथ ही आरोपियों को मिली अंतरिम राहत भी समाप्त हो गई है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद पुलिस के पास आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है।
>यह मामला कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें एक संगठित सिंडिकेट के जरिए प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई का आरोप है। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस नेटवर्क के तार कई जिलों और राज्यों तक जुड़े हो सकते हैं।
>जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अचल सचदेव की डिवीजन बेंच द्वारा सुनाए गए इस फैसले के बाद कोडीन कफ सिरप सिंडिकेट मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है।