अंबेडकरनगर में 1583 स्कूलों का एक दिन में निरीक्षण, बच्चों के साथ बैठकर खाया मध्यान्ह भोजन

07 Oct 2026

अंबेडकरनगर जिले में बुधवार को परिषदीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं को लेकर विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमें जिले के अलग-अलग विद्यालयों में पहुंचीं। अभियान में बच्चों के साथ संवाद करने के साथ विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं और मध्यान्ह भोजन व्यवस्था की स्थिति भी देखी गई। अभियान के दौरान अधिकारियों ने बच्चों के साथ बैठकर मध्यान्ह भोजन किया। भोजन की गुणवत्ता, मात्रा, स्वच्छता और वितरण व्यवस्था को मौके पर परखा गया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से बातचीत कर यह भी जाना कि उन्हें विद्यालय में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता कैसी लगती है।

जिलाधिकारी ईशा प्रिया के निर्देश पर चलाए गए इस विशेष अभियान में जनपद, तहसील और विकासखंड स्तर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विद्यालयों के निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई थी। प्रशासन के अनुसार, अभियान के तहत जिले के सभी 1583 परिषदीय विद्यालयों का एक ही दिन में स्थलीय निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने विद्यालयों में पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं को मौके पर देखा और संबंधित शिक्षकों तथा विद्यार्थियों से जानकारी ली। इस व्यापक निरीक्षण का एक प्रमुख हिस्सा विद्यालयों में बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था की जांच करना था। अधिकारियों ने भोजन की गुणवत्ता और मात्रा के साथ उसकी स्वच्छता तथा बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का भी जायजा लिया।

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निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केवल विद्यालय की व्यवस्थाओं का अवलोकन ही नहीं किया, बल्कि बच्चों के साथ बैठकर मध्यान्ह भोजन भी किया। इस दौरान भोजन की गुणवत्ता, मात्रा और स्वच्छता को प्रत्यक्ष रूप से परखा गया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से बातचीत कर उनसे भोजन के संबंध में जानकारी ली। बच्चों से बातचीत के दौरान अधिकारियों ने उन्हें नियमित रूप से विद्यालय आने और पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों को अपने भविष्य के लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए भी कहा गया।

विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान विद्यालयों में केवल मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था पर ही ध्यान नहीं दिया गया। अधिकारियों ने स्कूलों में उपलब्ध विभिन्न आधारभूत सुविधाओं की भी स्थिति देखी। निरीक्षण में पेयजल, शौचालय, बिजली, कक्षा-कक्ष, फर्नीचर और साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाओं को शामिल किया गया। इसके अलावा विद्यालयों के रसोईघर का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों ने विद्यालयों में मौजूद व्यवस्थाओं को देखने के साथ शिक्षकों और विद्यार्थियों से भी बातचीत की। इस दौरान स्कूल संचालन और उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त की गई।

विद्यालय निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने शिक्षकों और विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। उनसे विद्यालय की व्यवस्थाओं और उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली गई। इस बातचीत के आधार पर विद्यालयों में सुधार की जरूरत वाले बिंदुओं को चिन्हित किया गया। निरीक्षण से प्राप्त जानकारी को आगे की कार्रवाई के लिए संकलित किया गया। अभियान में स्कूलों की वास्तविक स्थिति को मौके पर देखने पर जोर रहा, ताकि विद्यालयों में उपलब्ध व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की जा सके।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. पूनम ने बताया कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण अभियान के दौरान प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस अभियान के जरिए विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था के साथ विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं और मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था की स्थिति की जानकारी जुटाई गई।