किसानों को खाद मिलने में नहीं होगी दिक्कत? कृषि मंत्री ने खुद पहुंचकर जांची यूरिया की उपलब्धता

30 Jun 2026

अम्बेडकरनगर। खरीफ सीजन के बीच किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शुक्रवार को अम्बेडकरनगर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कृषि विभाग की योजनाओं और जिले में खाद-बीज की उपलब्धता की समीक्षा की तथा औरंगनगर स्थित साधन सहकारी समिति का निरीक्षण कर वितरण व्यवस्था की पड़ताल की।

निरीक्षण के दौरान कृषि मंत्री ने समिति पर मौजूद किसानों से सीधे बातचीत कर खाद उपलब्धता और वितरण प्रक्रिया की जानकारी ली। मौके पर तीन किसानों को निर्धारित मूल्य पर यूरिया खरीदते हुए पाया गया। इसके अलावा उन्होंने वितरण रजिस्टर में दर्ज किसानों से भी फोन पर संपर्क कर यह जानकारी ली कि उन्हें उर्वरक समय पर और निर्धारित व्यवस्था के अनुसार मिल रहा है या नहीं।

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निरीक्षण के दौरान कृषि मंत्री ने वितरण रजिस्टर में दर्ज किसानों रामचेत, फूलचन्द्र, हरिप्रसाद, राम जगत, अनिल कुमार और भीष्म द्विवेदी से दूरभाष पर बातचीत की। उन्होंने किसानों से उर्वरक उपलब्धता, निर्धारित मूल्य पर बिक्री तथा वितरण व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान समिति पर मौजूद व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया और उपलब्ध स्टॉक की स्थिति का जायजा लिया गया।

दौरे के दौरान आयोजित समीक्षा बैठक में कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के साथ जिले में उर्वरकों और बीज की उपलब्धता की भी विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान समय में जिले में यूरिया, डीएपी, एनपीके और एसएसपी सहित प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।

अधिकारियों के अनुसार जून माह तक निर्धारित लक्ष्य से अधिक उर्वरकों की आपूर्ति और वितरण किया जा चुका है। वितरण के बाद भी सहकारी समितियों और निजी विक्रेताओं के पास किसानों की आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है।

कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को खेती के मौसम में किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें समय पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और निर्धारित व्यवस्था के अनुसार खाद उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि उर्वरक प्राप्त करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य है। ऐसे में जिन किसानों ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, वे समय रहते अपनी फार्मर रजिस्ट्री पूरी कर लें, ताकि खाद वितरण के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।