भीषण गर्मी, अंधेरे में डूबे 150 से ज्यादा गांव... खेतों में थमी धान की रोपाई, शहर में भी बिजली संकट से बेहाल लोग

28 Jun 2026

अम्बेडकरनगर, 29 जून। दिनभर की झुलसाने वाली गर्मी के बाद लोगों को रात में राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन बिजली कटौती ने वह उम्मीद भी छीन ली। कहीं पंखे थम गए, कहीं मोटरें बंद हो गईं, तो कहीं खेतों में धान की रोपाई बीच में ही रोकनी पड़ी। रविवार को अम्बेडकरनगर में बिजली व्यवस्था एक बार फिर लड़खड़ाई, जब 33 हजार वोल्ट की लाइन टूटने से 150 से अधिक गांव कई घंटे तक अंधेरे में डूबे रहे। उधर शहर में भी केबल जलने और फ्यूज उड़ने जैसी तकनीकी खराबियों ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी।

उमस भरे मौसम में बिजली संकट का सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों में दिखाई दिया। जिन किसानों के लिए यह धान की रोपाई का सबसे अहम समय है, उन्हें सिंचाई प्रभावित होने के कारण खेतों में काम रोकना पड़ा। वहीं घरेलू उपभोक्ताओं को दिन और रात दोनों समय बार-बार बिजली गुल होने का सामना करना पड़ा।

132 केवी उपकेंद्र कोटवा महमदपुर से मरैला और बेवाना विद्युत उपकेंद्रों को बिजली आपूर्ति की जाती है। रविवार को कोटवा महमदपुर से बेवाना जाने वाली 33 हजार वोल्ट लाइन टूट गई। इसके चलते बेवाना बिजलीघर से जुड़े 150 से अधिक गांवों में करीब चार घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।

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मुसाइतपुर, अहलादे, कुर्चा, विश्रामपुर, अहेथा, बनवा, अहेथिया किशुनीपुर, जगदीशपुर, मुस्लिमपुर, भितरीडीह, कुढ़ा मोहम्मदगढ़, रामपुर सकरवारी, सिसवा, बनकठा, भरथीपुर, हसनपुर, मानिकपुर, बसिरहा, सिउरा, समुरेगंज, खानजहांपुर, ज्ञानपुर, हैबतपुर, बासगांव, बहलोलपुर, रसूलपुर दियरा, समोखपुर और उम्मरपुर सहित अनेक गांव इस बाधित आपूर्ति से प्रभावित रहे।

ग्रामीण क्षेत्रों की तरह नगर क्षेत्र में भी बिजली व्यवस्था लगातार दबाव में नजर आई। शुक्रवार रात फब्बारा तिराहा के पास बंच केबल जलने से करीब दो घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसके अलावा पंडाटोला मोहल्ले में फ्यूज उड़ने से भी लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। दिन में बढ़ती गर्मी और रात की उमस के बीच बार-बार बिजली जाने से लोगों को लंबे समय तक बिना बिजली के रहना पड़ा।

जिले में इन दिनों धान की रोपाई का काम चल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहने से कई स्थानों पर सिंचाई प्रभावित हुई। किसानों के अनुसार, बिजली उपलब्ध नहीं होने से खेतों में पानी पहुंचाने का काम प्रभावित हुआ, जिससे रोपाई की रफ्तार भी धीमी पड़ी।

कई गांवों में लोगों ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है, जिससे घरेलू जरूरतों के साथ खेती-किसानी दोनों प्रभावित हो रही हैं।

नगर क्षेत्र में बेहतर बिजली आपूर्ति के उद्देश्य से वर्षों पहले बंच केबल लगाए गए थे, लेकिन हाल के दिनों में लगातार केबल जलने की घटनाओं ने उनकी कार्यक्षमता पर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि गर्मी के मौसम में फाल्ट और केबल खराब होने की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं, जिसके कारण बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है।

विद्युत वितरण खंड अकबरपुर के अधिशासी अभियंता प्रेमचंद ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण बिजली उपकरणों पर सामान्य से अधिक लोड पड़ रहा है। इसी वजह से विभिन्न स्थानों पर तकनीकी फाल्ट सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी खराबी की सूचना मिलती है, विभाग की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचकर कम से कम समय में आपूर्ति बहाल करने का प्रयास करती हैं।