अम्बेडकरनगर। जिले के कोटवा महमदपुर गांव में बुधवार दोपहर एक हादसे में 48 वर्षीय महिला की मौत हो गई। जर्जर छज्जे पर बना शौचालय अचानक भरभराकर गिर गया। इस दौरान मलबे की चपेट में आने से उर्मिला पत्नी अखिलेश वर्मा दब गईं। आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाया और महिला को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। महिला की मौत की खबर परिवार तक पहुंचते ही घर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, कोटवा महमदपुर गांव में बुधवार दोपहर करीब दो बजे जर्जर छज्जे पर बना शौचालय अचानक गिर गया। छज्जे और शौचालय के गिरने के दौरान उर्मिला मलबे की चपेट में आ गईं। हादसा अचानक होने के कारण आसपास मौजूद लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। शौचालय और छज्जे के गिरने के बाद मलबा मौके पर फैल गया, जिसके नीचे महिला दब गईं। घटना के बाद आसपास के लोग तत्काल मौके पर पहुंचे और मलबा हटाने का प्रयास शुरू किया। लोगों ने मलबा हटाकर महिला को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
हादसे के बाद आसपास के लोगों की मदद से मलबा हटाया गया। काफी प्रयास के बाद उर्मिला को मलबे से बाहर निकाला गया। हालांकि, बाहर निकालने तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। महिला की मौत से परिजनों में शोक की स्थिति है। हादसे के बाद गांव में भी घटना को लेकर चर्चा रही। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, हादसे में 48 वर्षीय उर्मिला पत्नी अखिलेश वर्मा की ही मौत हुई है। घटना के संबंध में इससे अधिक किसी अन्य जनहानि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
हादसे में जान गंवाने वाली उर्मिला के तीन बेटे हैं। जानकारी के अनुसार, उनका बड़ा बेटा सूरत में रहता है। वहीं, दूसरा बेटा पढ़ाई कर रहा है और छोटा बेटा भी अभी पढ़ाई कर रहा है। उर्मिला के पति अखिलेश वर्मा किसान हैं। हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल बताया गया है। बड़े बेटे के सूरत में रहने और अन्य दोनों बेटों के पढ़ाई करने के कारण परिवार के लिए यह हादसा बेहद दुखद घटना बन गया है। हालांकि, परिवार के सदस्यों की ओर से घटना के संबंध में कोई विस्तृत बयान उपलब्ध नहीं कराया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां शौचालय जर्जर छज्जे पर बना हुआ था। इसी छज्जे के अचानक गिरने के बाद शौचालय भी भरभराकर नीचे गिर गया। छज्जे और शौचालय के गिरने से बना मलबा महिला के लिए घातक साबित हुआ। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल बचाव के लिए मलबा हटाया, लेकिन महिला को बचाया नहीं जा सका। हादसे की वजह से संबंधित संरचना की जर्जर स्थिति को बताया गया है। उपलब्ध जानकारी में इस बात का उल्लेख नहीं है कि छज्जे की स्थिति को लेकर पहले से कोई शिकायत की गई थी या किसी स्तर पर इसकी जांच अथवा मरम्मत की गई थी।
महिला की मौत की जानकारी मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों के लिए अचानक हुई इस घटना से संभलना मुश्किल हो गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने भी हादसे के बाद मौके पर पहुंचकर परिवार की मदद की। मलबा हटाने में आसपास के लोगों ने सहयोग किया और महिला को बाहर निकाला। उर्मिला की मौत से परिवार ने अपना एक सदस्य खो दिया। उनके तीनों बेटे अभी अलग-अलग परिस्थितियों में पढ़ाई या रोजगार से जुड़े हैं, जबकि उनके पति किसान हैं।