रक्त की जरूरत किसी भी मरीज के लिए जीवन और मृत्यु के बीच का महत्वपूर्ण अंतर बन सकती है। इसके बावजूद रक्तदान को लेकर समाज में कई तरह की भ्रांतियां और सवाल मौजूद हैं। इन्हीं भ्रांतियों को दूर करने और लोगों को रक्तदान के महत्व से परिचित कराने के उद्देश्य से अंबेडकरनगर के एक मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों ने जागरूकता की अनूठी पहल की।
राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नर्सिंग विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक, पोस्टर और रंगोली के माध्यम से स्वैच्छिक रक्तदान का संदेश दिया। कार्यक्रम में कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश यादव सहित कई चिकित्सक और संकाय सदस्य मौजूद रहे।
राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में नर्सिंग के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इसके माध्यम से रक्तदान की उपयोगिता, इससे जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों और जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की आवश्यकता को समझाया गया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुति में यह संदेश दिया कि रक्तदान जरूरतमंद मरीजों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नाटक के जरिए रक्तदान को लेकर लोगों के मन में मौजूद सवालों और गलत धारणाओं को भी विषय बनाया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुति की सराहना की। इस गतिविधि का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों तक जानकारी सीमित रखना नहीं, बल्कि रक्तदान के प्रति जागरूकता का संदेश आमजन तक पहुंचाना भी रहा।
जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों ने पोस्टर और रंगोली भी तैयार की। इन गतिविधियों का आयोजन डॉ. श्वेता के मार्गदर्शन में किया गया। रंगोली के माध्यम से ‘रक्तदान—महादान’ और रक्तदान से जीवन बचाने का संदेश आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया। पोस्टर के जरिए भी रक्तदान के महत्व को रेखांकित किया गया। विद्यार्थियों की इन रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से स्वैच्छिक रक्तदान को लेकर सकारात्मक जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश यादव उपस्थित रहे। उनके साथ ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. मनोज गुप्ता और अन्य चिकित्सक एवं संकाय सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर डॉ. रितेश राय, डॉ. अमोद, डॉ. संदीप, डॉ. विशेष, डॉ. विवेक और डॉ. अनिल सहित अन्य संकाय सदस्यों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों की भागीदारी के माध्यम से रक्तदान के महत्व को समझाने का प्रयास किया गया।
रक्तदान जागरूकता कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य रक्तदान को लेकर समाज में प्रचलित भ्रांतियों को दूर करना रहा। नर्सिंग विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए इस विषय को प्रस्तुत किया। स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम में विभिन्न माध्यमों का इस्तेमाल किया गया। नाटक के साथ पोस्टर और रंगोली को भी जागरूकता गतिविधियों में शामिल किया गया। इन गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों और आमजन को रक्तदान की जरूरत तथा मरीजों के उपचार में इसकी भूमिका के बारे में जानकारी देने का प्रयास किया गया।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने लोगों से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की। प्रशासन की ओर से कहा गया कि रक्तदान किसी जरूरतमंद मरीज के लिए जीवनदान साबित हो सकता है। कार्यक्रम के माध्यम से नियमित और स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति लोगों को प्रेरित करने पर जोर दिया गया। साथ ही रक्तदान के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।