अंबेडकरनगर जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों में गुरुवार को अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित की गई। यह पहल जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पूनम मिश्रा के निर्देश के क्रम में प्रत्येक माह की 3 तारीख को पैरेंट्स-टीचर मीटिंग आयोजित कराने के तहत की गई। बैठक में शिक्षकों ने अभिभावकों से बच्चों की शैक्षिक प्रगति, विद्यालय में उपस्थिति, व्यवहार, सीखने की स्थिति और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर संवाद किया।
बारिश के मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में अभिभावक विद्यालयों में पहुंचे। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों की पढ़ाई और प्रगति की जानकारी ली तथा शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी प्राप्त किए।
जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों में आयोजित इस बैठक का प्रमुख उद्देश्य अभिभावकों को उनके बच्चों की शैक्षिक स्थिति से अवगत कराना रहा। इसके साथ ही बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और नियमित विद्यालय उपस्थिति के प्रति अभिभावकों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।
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बैठक के दौरान शिक्षकों ने बच्चों की पढ़ाई को लेकर अभिभावकों से बातचीत की। बच्चों के व्यवहार, विद्यालय में उनकी उपस्थिति और सीखने की स्थिति से संबंधित जानकारी भी साझा की गई।
इस दौरान अभिभावकों को यह समझने का अवसर मिला कि विद्यालय में उनके बच्चों की पढ़ाई किस तरह चल रही है और किन क्षेत्रों में उन्हें अतिरिक्त सहयोग की जरूरत हो सकती है।
बारिश के मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में अभिभावकों की विद्यालयों में मौजूदगी रही। अभिभावकों ने शिक्षकों के साथ सीधे संवाद करते हुए बच्चों की शैक्षिक प्रगति के बारे में जानकारी ली।
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बैठक में अभिभावकों ने बच्चों की पढ़ाई को बेहतर बनाने से संबंधित सुझाव भी शिक्षकों से लिए। इससे विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई और घर पर उनके अध्ययन के बीच बेहतर तालमेल बनाने को लेकर चर्चा का अवसर मिला।
अभिभावक-शिक्षक संवाद का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बच्चों की नियमित विद्यालय उपस्थिति भी रहा। शिक्षकों ने अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील की।
बैठक के दौरान शिक्षकों ने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई के लिए घर पर उचित माहौल उपलब्ध कराने को कहा। शिक्षकों ने अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने और उनकी शैक्षिक गतिविधियों से जुड़े रहने की आवश्यकता बताई।
शिक्षकों और अभिभावकों के बीच इस तरह के संवाद के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी आवश्यकताओं को साझा करने का अवसर मिला। अभिभावक भी अपने बच्चों से संबंधित सवाल और सुझाव शिक्षकों के सामने रख सके।
बैठक में बच्चों की शिक्षा के साथ उनके स्वास्थ्य और स्वच्छता को भी चर्चा का हिस्सा बनाया गया। शिक्षकों ने अभिभावकों से बच्चों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की अपील की।
स्वास्थ्य और स्वच्छता से संबंधित जागरूकता को बच्चों के नियमित विद्यालय आने से भी जोड़ा गया। शिक्षकों ने अभिभावकों से बच्चों की दैनिक देखभाल के साथ उनकी स्वच्छता पर ध्यान देने को कहा।
पीटीएम के दौरान बच्चों की नियमित उपस्थिति और विद्यालय में सीखने की स्थिति को लेकर भी अभिभावकों से बातचीत हुई। शिक्षकों ने बच्चों की पढ़ाई के साथ उनके व्यवहार और कक्षा में उनकी भागीदारी से संबंधित जानकारी साझा की।
बैठक का उद्देश्य केवल बच्चों के परीक्षा परिणाम या पढ़ाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनकी विद्यालय उपस्थिति, व्यवहार, स्वास्थ्य और सीखने की स्थिति से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अभिभावकों को जानकारी देना भी रहा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पूनम मिश्रा के निर्देश के क्रम में प्रत्येक माह की 3 तारीख को परिषदीय विद्यालयों में पैरेंट्स-टीचर मीटिंग आयोजित कराने की पहल की गई है। इसी क्रम में जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों में वर्तमान बैठक आयोजित की गई।
इस पहल के माध्यम से विद्यालयों और अभिभावकों के बीच नियमित संवाद बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। बैठक में बच्चों की शैक्षिक प्रगति और उनसे जुड़े अन्य विषयों पर चर्चा के लिए अभिभावकों और शिक्षकों को एक साझा मंच मिला।
अभिभावक-शिक्षक बैठक के जरिए विद्यालय और घर के बीच बच्चों की शिक्षा से संबंधित जानकारी साझा करने का अवसर मिलता है। इस बैठक में भी शिक्षकों ने अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई और नियमित उपस्थिति के प्रति सजग रहने को कहा। अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने, घर पर पढ़ाई के लिए उचित वातावरण उपलब्ध कराने और उनके स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर ध्यान देने की अपील की गई।